लखनऊ में पुलिस ने कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच बाइक सवारों को भगाया
Lucknow में भारी बारिश से बचने के लिए बाइक सवार लोग एक पुल के नीचे खड़े थे. तभी Uttar Pradesh Police वहां आ पहुंची और कथित तौर पर ऑनलाइन चालान काटने जैसी गतिविधियां करने लगी. बारिश से बचने के लिए बाइक लगाए लोगों में चालान कटता देख अफरातफरी मच गई. लोग भारी बारिश में बाइक लेकर भागने लगे.

जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास एनिमल फर्म की एक मशहूर पंक्ति है, ‘All animals are equal, but some animals are more equal than others.’ इसका मजमून है कि सब लोग बराबर हैं. लेकिन कुछ लोग दूसरों से ज्यादा 'बराबर' हैं. लखनऊ में कड़ाके की ठंड और तिस पर हो रही भारी बारिश. इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें वीवीआईपी कल्चर के नाम पर दिख रहा उत्तर प्रदेश पुलिस का रवैया ऊपर लिखी गई पंक्तियों को जस्टिफाई करता है.
कड़ाके की ठंड में हो रही भारी बारिश से बचने के लिए जियामऊ पुल के पास कुछ बाइक सवारों ने एक फुट ओवरब्रिज के नीचे अपनी गाड़ियां खड़ी कीं. इतने में वहां पर पुलिस की वैन आ पहुंची. आरोप है कि वैन से पुलिस वाले निकले और बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे खड़े लोगों का ऑनलाइन चालान काटने लगे. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिसवाले गाड़ियो की नंबर प्लेट की तस्वीर ले रहे हैं.
चालान कटता देख अफरातफरी मच गई. लोग अपनी गाड़ियों को बचाने के लिए बाइक लेकर भागने लगे. इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया. वायरल वीडियो को लेकर लोग उत्तर प्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठाने लगे. मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस की सफाई भी आ गई.
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस के सोशल हैंडल से लिखा गया,
उक्त प्रकरण के दौरान किसी भी वाहन का चालान नहीं किया गया. केवल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हिदायत के तौर पर वाहन चालकों से रास्ते से हट जाने को कहा गया जिससे यातायात डिस्टर्ब नहीं हो.
यूपी पुलिस के मुताबिक उसी रास्ते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का कारवां आने वाला था इसलिए सुरक्षा वजहों को ध्यान में रखते हुए सबको रास्ते से हटाया गया.
वीडियो: उत्तर प्रदेश पुलिस कस्टडी में दिलशाद की मौत को एक्सीडेंट बताया, अब पुलिस वालों पर FIR क्यों करनी पड़ी

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