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उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा रद्द, STF की जांच में धांधली के मिले सबूत

Uttar Pradesh Education Service Selection Commission ने 16 और 17 अप्रैल को Assistant Professor की भर्ती परीक्षा आयोजित कराई थी. यूपी STF को इस परीक्षा में धांधली के इनपुट मिले. जिसके बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मामले में गोपनीय जांच के निर्देश दिए थे.

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उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए हुई परीक्षा रद्द कर दी है. (इंडिया टुडे)
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आनंद कुमार
7 जनवरी 2026 (Updated: 7 जनवरी 2026, 08:46 PM IST)
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उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द कर दी है. ये परीक्षा 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित हुई थी. उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को इस परीक्षा में धांधली की शिकायत मिली थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में जांच के आदेश दिए थे.

इंडिया टुडे से जुड़े अंकित मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी STF की जांच में पता चला कि परीक्षा में सॉल्वर गैंग एक्टिव था और इसके लिए अवैध धन की वसूली की गई. साथ ही क्वेश्चन पेपर लीक होने के सबूत भी मिले हैं. STF ने मामले में एक्शन लेते हुए महबूब अली, वैभव पाल और विशाल पाल को गिरफ्तार किया है. इन पर क्वेश्चन पेपर सर्कुलेट करके अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने का आरोप लगा है.

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 16 और 17 अप्रैल को असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा आयोजित कराई थी. यूपी STF को इस परीक्षा में धांधली के इनपुट मिले. जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में गोपनीय जांच के निर्देश दिए थे.

20 अप्रैल 2025 को STF ने फर्जी क्वेश्चन पेपर बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया. और इनके खिलाफ लखनऊ के विभूतिखंड थाने में धारा 112 (छोटे संगठित अपराध), 308 (5)(जबरन वसूली करने) और धारा 318 (4) (धोखाधड़ी से संपत्ति हड़पने या दस्तावेज को बदलने या नष्ट करने) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

आरोपी महबूब अली ने STF की पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रोसेस के दौरान ही अलग-अलग विषयों के क्वेश्चन पेपर निकाल लिए थे और उन्हें पैसे लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाया.

STF की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा रद्द करने के आदेश दिए हैं. साथ ही शिक्षा विभाग को मामले में विस्तृत जांच करके दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को जल्दी ही नए सिरे से पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश भी दिया है. 

वीडियो: UP पुलिस भर्ती परीक्षा रद्द, इस टीचर ने दिखाया था पेपर लीक का सबूत

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