The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Uttar Pradesh a women kidnapped from moradabad met her family in azamgarh

8 साल की उम्र में हुई थी किडनैपिंग, 49 साल बाद अपने परिवार से मिली महिला, कहानी फिल्मी है

Uttar Pradesh के आजमगढ़ के रहने वाली एक 8 साल की बच्ची का 49 साल पहले अपहरण हो गया था. इस घटना के 49 साल बाद UP Police के प्रयासों के चलते वो महिला अपने परिवार से मिल गई है.

Advertisement
pic
25 दिसंबर 2024 (अपडेटेड: 25 दिसंबर 2024, 04:11 PM IST)
Uttar Pradesh azamgarh moradabad women
49 साल बाद महिला अपने परिवार से मिली. (इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

साल 1975. मुरादाबाद का एक मेला. जहां आठ साल की एक बच्ची अपने मां के साथ घूमने (Moradabad Girl Found) जाती है. मेले में उसका अपहरण हो जाता है. और फिर किडनैपर उसे एक दूसरे शख्स के हाथों बेच देते हैं. जो बाद में उसका जीवनसाथी बन जाता है. इस घटना के लगभग 49 साल बाद वह बच्ची अपने परिवार से मिल गई है. 

यह कहानी भले आपको किसी लोकप्रिय हिंदी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगे. लेकिन ये शत प्रतिशत सच्ची घटना है. 1975 में आठ साल की बच्ची रहीं फूलमती अब 57 साल की महिला हैं. और रामपुर जिले के रायपुर गांव में रहती हैं. दरअसल, साल 1975 में आजमगढ़ जिले की रहने वाली फूलमती अपनी मां श्यामा देवी के साथ मुरादाबाद के एक मेले में गई थीं. और तब से लापता थीं.

मुरादाबाद के बाजार में एक बुजुर्ग व्यक्ति फूलमती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया. कुछ दिन अपने पास रखा. और फिर उसने उन्हें रामपुर जिले के लालता प्रसाद गंगवार नाम के व्यक्ति को बेच दिया. कुछ समय बाद लालता प्रसाद ने उससे शादी कर ली. और उनका एक बेटा हुआ. जिसका नाम सोमपाल है. जिनकी उम्र अब 34 साल हो चुकी है. पीड़िता की गृहस्थी बस चुकी थी. लेकिन उनके जेहन से बचपन की यादें नहीं गई थीं. उन्हें अपने गांव का नाम याद था. और वो अपने परिजनों की तलाश में जुटी रहीं. 

इस बीच इस घटना की जानकारी रामपुर की एक टीचर डॉ. पूजा रानी को मिली. उन्होंने आजमगढ़ के सिटी एसपी शैलेंद्र लाल को इसकी जानकारी दी. शैलेंद्र लाल ने ये सूचना जिले के सारे थानों में पहुंचा दी. और इस पूरे मामले के लिए एक टीम गठित की. इस टीम ने पीड़िता का पता लगाया और रामपुर जाकर उन्हें आजमगढ़ ले आई. जहां पीड़िता ने बताया कि उनके मामा का नाम रामचंद्र है. जो चूटीडाढ़ गांव में रहते हैं. और उनके घर में एक कुआं है. 

उनकी दी गई सूचना के आधार पर पूरे जिले में खोजबीन की गई. काफी खोजबीन के बाद उनके गांव का पता चल गया. जोकि आजमगढ़ जिले से कटकर मऊ जिले में चला गया है. पुलिस पीड़िता को लेकर उनके बताए हुए पते पर पहुंची. यहां पीड़िता के मामा रामचंद्र ने इस बात की पुष्टि कर दी कि 49 साल पहले उनकी भांजी लापता हुई थी. इसके बाद पीड़िता को उनके परिजनों से मिलाया गया. 

वीडियो: उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर से ठीक पहले क्या हुआ था?

Advertisement

Advertisement

()