BJP ने लगाया था भारत विरोधी एजेंडा चलाने का आरोप, पता है अब अमेरिका ने क्या जवाब दिया?
BJP ने ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) पर आरोप लगाया कि यह भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ावा दे रहा है और इसके पीछे अमेरिकी विदेश विभाग का हाथ है. BJP के इन आरोपों पर 7 दिसंबर को अमेरिका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है.
.webp?width=210)
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए थे. इन आरोपों में कहा गया था कि राहुल इन्वेस्टिगेटिव मीडिया संस्थान - ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) - के एजेंडे पर काम करते हैं. आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल OCCRP के रिपोर्ट के आधार पर सरकार को घेरते हैं. चाहें पेगासस का मुद्दा हो या अडानी का, राहुल गांधी OCCRP के फैलाए हुए नैरेटिव पर काम करते हैं. इस दौरान BJP ने OCCRP को भारत विरोधी एजेंडे को प्रचारित करने वाला मीडिया संस्थान भी बताया था. पार्टी ने OCCRP की फंडिंग और पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे.
इसी क्रम में BJP ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा था कि OCCRP के इन भारत विरोधी एजेंडे को चलाने के पीछे अमेरिकी विदेश विभाग का हाथ है. और इस बात के सबूत के तौर पर पार्टी ने फ्रांसीसी मीडिया संस्थान 'मीडियापार्ट' में OCCRP पर आई एक रिपोर्ट का हवाला दिया था.
BJP के आरोपों पर अमेरिकी दूतावास क्या बोला?BJP के इन आरोपों पर 7 दिसंबर को अमेरिका की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. द हिंदू में छपी ख़बर के मुताबिक़ अमेरिका ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. और कहा है कि ये निराशाजनक है. अमेरिकी सरकार ने कहा,
'अमेरिका प्रेस को आज़ादी देने के मामले में सबसे आगे रहा है. और उसका किसी भी मीडिया संस्थान के संपादकीय निर्णयों को प्रभावित करने से कोई लेना-देना नहीं है'.
अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने द हिंदू को बताया,
‘भारत की रूलिंग पार्टी द्वारा लगाए ये आरोप निराशाजनक हैं. प्रेस की आज़ादी लोकतंत्र के लिए बेहद ज़रूरी है. इससे सही जानकारी जनता तक पहुंचती है. और जो लोग सत्ता में हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होती है.'
हालांकि अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने इस आरोप को खारिज़ नहीं किया कि अमेरिका OCCRP को फंडिंग देता है. उन्होंने कहा,
‘अमेरिकी सरकार ऐसे कई स्वतंत्र संगठनों के साथ कुछ कार्यक्रम पर काम करती है. ये कार्यक्रम पत्रकारों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट और ट्रेनिंग से जुड़े हैं. लेकिन,ये कार्यक्रम इन संगठनों के संपादकीय निर्णयों या दिशा को प्रभावित नहीं करते.'
ऐसा पहली बार हुआ है कि BJP ने मोदी और अडानी समूह विरोधी ख़बरों के लिए अमेरिकी सरकार को सीधे ज़िम्मेदार बताया है. साथ ही BJP ने कहा है कि ऐसी ख़बरें भारत की इमेज को ख़राब करती हैं.
यह भी पढ़ें - OCCRP से जुड़ी रिपोर्ट में ऐसा क्या है जिस पर BJP ने राहुल गांधी को 'देशद्रोही' कह दिया?
इससे पहले भी विदेश मंत्रालय ने वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तब समन किया था, जब अमेरिकी विदेश विभाग ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी पर बयान दिया था. इसके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से भारत में धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom in India) पर आई रिपोर्ट पर भी भारतीय विदेश मंत्रालय ने तीखा विरोध दर्ज़ किया था.
हालांकि इस बार BJP और अमेरिकी दूतावास की ओर से आई प्रतिक्रिया पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है.
वीडियो: दुनियादारी: सीरिया का ये शहर भी गया, बशर अल-असद की कुर्सी भी जाने वाली है?

