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'इंडिया को जितना तेल चाहिए, हम देने को तैयार', होर्मुज संकट के बीच अमेरिका से आया ऑफर

Marco Rubio India Visit: भारत अपनी जरूरत का आधा से अधिक कच्चा तेल खाड़ी देशों से खरीदता है. दूसरी ओर, अमेरिका भी तेल बेचता है. अमेरिका चाहता है कि उसे भारत जैसा एक भरोसेमंद देश मिले जो बड़ी मात्रा के साथ रेगुलर तौर पर उससे तेल खरीदे.

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22 मई 2026 (अपडेटेड: 22 मई 2026, 11:01 AM IST)
us secretary of state marco rubio india visit said US ready to sell as much energy as India wants
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत आ रहे हैं (PHOTO-India Today via Reuters)
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio India Visit) ने अपनी पहली भारत यात्रा से पहले एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े तेल खरीदने वाले देशों में शामिल भारत को और ज्यादा तेल बेचने की इच्छा जाहिर की है. उनका कहना है कि भारत जितना चाहता है, अमेरिका उसे उतना तेल देने को तैयार है. ये बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान (Iran War) से जंग के बाद दुनिया के सबसे बड़े तेल प्रोडक्शन करने वाले देशों से सप्लाई प्रभावित हुई है. खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बंद होने से भारत को आने वाले तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है.

विदेश मंत्री मार्को रुबियो नाटो देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने स्वीडन रवाना हुए हैं. स्वीडन जाने से पहले उन्होंने मीडिया से कहा,

‘हम उन्हें (भारत को) उतना तेल बेचना चाहते हैं, जितना वे खरीदना चाहें. और जाहिर है, जैसा कि आपने देखा है, मुझे लगता है कि हम अमेरिकी प्रोडक्शन और अमेरिकी एक्सपोर्ट के ऐतिहासिक स्तर पर हैं. हम और ज्यादा करना चाहते हैं. हम पहले से ही उनके साथ और ज्यादा करने के लिए बातचीत कर रहे थे. हम चाहते हैं कि अमेरिका भारत को एक्सपोर्ट करने वाले देशों की तरह बने.’

रुबियो ने यह साफ कर दिया कि ट्रंप प्रशासन चाहता है कि अमेरिकी एक्सपोर्ट, भारत के इंपोर्ट वाले पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा बने. क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े इंपोर्टर्स में से एक है. 

भारत को Venezuela का तेल बेचना चाहता है अमेरिका

भारत अपनी जरूरत का आधे से अधिक कच्चा तेल खाड़ी देशों से खरीदता है. दूसरी ओर, अमेरिका भी तेल बेचता है. अमेरिका चाहता है कि उसे भारत जैसा एक भरोसे मंद देश मिले जो बड़ी मात्रा के साथ रेगुलर तौर पर उससे तेल खरीदे. रुबियो ने वेनेजुएला के कच्चे तेल को लेेकर भारत के साथ सहयोग की बात कही है. रुबियो ने कहा, 

'हमें यह भी लगता है कि वेनेजुएला के तेल के क्षेत्र में भी मौके मौजूद हैं. असल में मेरी जानकारी के अनुसार, वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति अगले हफ्ते भारत की यात्रा पर भी आ रहे हैं.

होर्मुज बंद होने से एनर्जी सिक्योरिटी सबसे अहम मुद्दा

मार्को रुबियो ने अपनी विजिट से पहले भारत को एक महान पार्टनर बताया और कहा कि इस दौरे का समय ऐसा है, जिससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधो को मजबूती मिलेगी. रुबियो ने कहा कि भारत एक महान सहयोगी और पार्टनर है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक रुबियो अपनी 23-26 मई की भारत यात्रा के दौरान कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का दौरा करेंगे. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य जोर ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर होगा. विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि रुबियो, भारतीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे.

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