35 साल अमेरिका में रहे, तीन बच्चे हुए, अब पति-पत्नी को अवैध प्रवासी बता देश से निकाल दिया
कपल 1989 में कोलंबिया से अमेरिका आया था. 21 फरवरी 2025 के दिन यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट ने उन्हें हिरासत में लिया था. तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक डिटेंशन में रखने के बाद, 18 मार्च को उन्हें उनके मूल देश कोलंबिया भेज दिया गया. इनके बच्चे अमेरिका में ही रहेंगे.

अमेरिका में 35 सालों से रह रहे एक कपल को कोलंबिया डिपोर्ट कर दिया गया. CNN में छपी खबर के मुताबिक, ये कपल 1989 में कोलंबिया से अमेरिका आया था. 21 फरवरी 2025 के दिन यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम एनफोर्समेंट ने उन्हें हिरासत में लिया था. तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक डिटेंशन में रखने के बाद, 18 मार्च को उन्हें उनके मूल देश कोलंबिया भेज दिया गया.
किन परिस्थितियों में आया था कपल?55 साल के ग्लैडिस गोंजालेज और 59 साल की नेल्सन गोंजालेज की तीन बेटिंया भी हैं. बेटियों के पास अमेरिका की सिटीजनशिप है. अपने मां-बाप के देश से यूं निकाले जाने के कारण वो दुखी हैं. उनकी बेटी स्टेफनी गोंजालेज ने CNN को एक मेल के जरिए बताया कि जब उनके माता पिता कोलंबिया की राजधानी बोगाटा से भागे थे. उस समय बोगाटा को “मर्डर कैपिटल ऑफ दि वर्ल्ड” कहा जाता था. उन्हें मजबूरन नशीली दवाओं से हो रही हिंसा के बीच रहना पड़ रहा था.
साल 1989 में जब ग्लैडिस और नेल्सन अमेरिका आए तो उनके पास वीजा नहीं था. कोलंबिया में हिंसा से भागने के कारण उन्हें शरण (Asylum) के लिए अप्लाई करने की अनुमति मिल गयी थी. परिवार की वकील मोनिका क्रूम्स ने बताया कि इस दैरान गोंजालेज कपल इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा धोखाधड़ी का शिकार हो गए.
कोर्ट का फैसलासाल 2000 में, इमिग्रेशन कोर्ट ने ग्लैडिस और नेल्सन के खिलाफ फैसला सुनाया. कोर्ट ने कहा कि उनके पास अमेरिका में रहने का कोई कानूनी आधार नहीं है. उन्हें स्वेच्छा से अमेरिका छोड़ने का आदेश दिया गया. इस दौरान उन्हें कुछ वकीलों द्वारा एक उम्मीद दिखी. उन्हें पता चला कि वो दोबारा अपील कर नागरिकता हासिल कर सकते हैं.
स्टेफनी ने बताया कि परिवार ने इसमें भी हजारों डॉलर खर्च किए, लेकिन कई वकीलों ने उन्हें गलत सलाह दी. साल 2000 से 2021 के बीच, गोंजालेज कपल ने हर संभव कानूनी रास्ता अपनाया. उन्होंने साल 2001 और 2018 में बोर्ड ऑफ इमिग्रेशन में अपील की, 2010 में सिटीजनशिप और इमिग्रेशन सर्विस में, और 2021 में US कोर्ट ऑफ अपील के 9वें सर्किट में अपील की, लेकिन हर बार वे नाकाम रहे.
गिरफ्तारी के वक्त क्या हुआ?मोनिका ने बताया कि हर साल की तरह, फरवरी 2025 में ग्लैडिस और नेल्सन सांता एना के इमिग्रेशन कोर्ट में चेक-इन करने गए. लेकिन इस बार चीजें बदल गई थीं. उन्हें कैलिफोर्निया, एरिज़ोना और लुइसियाना के डिटेंशन सेंटर्स में अलग-अलग रखा गया. अमेरिकी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सेक्योरिटी के अधिकारियों ने लापरवाही की और उनका पासपोर्ट गायब कर दिया, जिससे डिपोर्ट की प्रोसेस में देरी हुई.
इमीग्रेशन पर क्या कहता है अमेरिका का कानूनअमेरिकी कानून के अनुसार, जो लोग एक साल या उससे अधिक समय तक अवैध रूप से देश में रहते हैं और स्वेच्छा से नहीं जाते, वे 10 साल तक अमेरिका में प्रवेश नहीं कर सकते. मोनिका ने बताया कि मुझे लगता है कि वे वापस आ सकेंगे, लेकिन अगले 10 वर्षों में यह संभव नहीं दिखता.
बेटी ने की क्राउड फंडिंगस्टेफनी ने ‘GoFundMe’ पर अपने माता-पिता की मदद के लिए एक फंडरेजिंग पेज बनाया. जहां लगभग 54 लाख रुपये जुटाए जा चुके हैं. इससे ग्लैडिस और नेल्सन को कोलंबिया में नया जीवन शुरू करने और अमेरिका वापस आने के लिए कानूनी सहायता मिल सकेगी.
ग्लैडिस और नेल्सन दक्षिणी कैलिफोर्निया के अपने चर्च में स्टडी ग्रुप्स चलाते थे और कोविड-19 के दौरान फूड पैंट्री में मदद की थी. स्टेफनी ने बताया कि हमारी सरकार को यह समझना चाहिए कि इन फैसलों से कितने अमेरिकी परिवार बिखर रहे हैं.
मोनिका ने बताया कि हाल में अमेरिका में इमिग्रेशन नीतियों में बदलाव के कारण देशभर में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी कोई अपराध नहीं किया, सभी टैक्स भरे और हमेशा कानून का पालन किया.
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