UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री की कहानी, हर बार रिजल्ट आने पर ये गाना गाते थे
UPSC Topper Anuj Agnihotri: अनुज का कहना है कि वह ऐसे क्षेत्र में करियर बनाना चाहते थे जो नीरस न हो. सिविल सेवा में अलग-अलग तरह की जिम्मेदारियां होती हैं. शासन के अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव मिलता है. इसलिए वह UPSC की ओर आए. पढ़ाई के अलावा वह क्रिकेट देखने को और स्टैंडअप कॉमेडी को अपनी पसंद बताते हैं.

UPSC Results 2025: राजस्थान के ‘न्यूक्लियर सिटी’ कहे जाने वाले रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने देश की सबसे कठिन UPSC परीक्षा में टॉप कर लिया है. शुक्रवार, 6 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अखिल भारतीय परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए. इन नतीजों में कुल 958 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया, जिसमें अनुज अग्निहोत्री पहले नंबर पर हैं. वह डॉक्टरी की पढ़ाई कर चुके हैं और फिलहाल केंद्रशासित प्रदेशों में प्रशासनिक कामकाज देखने वाले ‘DANICS’ में प्रोबेशनर हैं.
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में रावतभाटा नाम का एक छोटा सा कस्बा है. यह शिक्षानगरी और कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा से सिर्फ 50 किमी दूर है. चंबल नदी के किनारे बसे इस कस्बे को राजस्थान का न्यूक्लियर सिटी कहा जाने लगा है. यहां मौजूद परमाणु बिजलीघर (Rajasthan Atomic Power Station) और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्पलेक्स (NFC) ने इसे ‘न्यूक्लियर हब’ के तौर पर पहचान दी है.
अपनी ‘वैज्ञानिक’ पहचान को लेकर यह कस्बा इतना गंभीर है कि यहां गलियों और पार्कों के नाम भी वैज्ञानिकों के नाम पर रखे गए हैं. मसलन, यहां विक्रम साराभाई नगर, भाभा नगर और अणु कॉलोनी जैसी जगहें आपको मिल जाएंगी.
अनुज अग्निहोत्री की शुरुआती पढ़ाई इसी रावतगढ़ में हुई है. उनके पिता रावतभाटा के परमाणु ऊर्जा संयंत्र में काम करते हैं. स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद अनुज हायर एजुकेशन के लिए जोधपुर चले गए. यहां के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (AIIMS) से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. साल 2023 में अपनी जरूरी इंटर्नशिप पूरी करने के बाद वह सिविल सर्विस की तैयारियों में लग गए. यूट्यूब पर मौजूद एक मॉक इंटरव्यू में अनुज ने बताया कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद DANICS से जुड़ गए थे.
DANICS केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशासनिक व्यवस्था चलाने के लिए जिम्मेदार है. इसका पूरा नाम दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली सिविल सर्विस है.
डैनिक्स में प्रोबेशनर के पद पर रहते हुए ही वह UPSC परीक्षा की तैयारी में लग गए. अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने यह परीक्षा न सिर्फ पास कर ली बल्कि पूरे देश में टॉप पर रहे.
मॉक इंटरव्यू में अनुज ने बताया कि UPSC की परीक्षा की तैयारी करना उन्हें डॉक्टरी की पढ़ाई से भी ज्यादा कठिन लगा. इसमें बहुत कठोर अनुशासन की जरूरत होती है.
इंडिया टुडे/आजतक से बातचीत में अनुज ने बताया कि अदनान सामी का गाया 'मुझको भी तो लिफ्ट करा दे' उनका फेवरेट गाना है. वो बताते हैं कि हर बार परीक्षा का परिणाम आने पर वो यही गाना गाते थे. इस बार रिजल्ट देखा तो मारे खुशी के चिल्ला उठे. उस समय उनके माता-पिता उनके पास ही थे.
अनुज ने बताया कि परीक्षा पास करने वाले कैंडिडेट्स की सूची में अपना नाम सबसे ऊपर देखकर पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ. वो कहते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने हर दिन 8 घंटे पढ़ाई की.
डॉक्टर क्यों नहीं बने और UPSC में क्यों आ गए?
इसकी वजह अनुज सिविल सर्विस में काम के तरीके को बताते हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसे क्षेत्र में करियर बनाना चाहते थे जो नीरस न हो. सिविल सेवा में अलग-अलग तरह की जिम्मेदारियां होती हैं. शासन के अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव मिलता है. इसलिए वह UPSC की ओर आए. पढ़ाई के अलावा वह क्रिकेट देखने को और स्टैंडअप कॉमेडी को अपनी पसंद बताते हैं.
मॉक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि अगर मौका मिला तो वह किस जगह पर अपनी पोस्टिंग चाहेंगे. इस पर उन्होंने कहा कि वह देश के किसी भी इलाके में काम करने को तैयार हैं, लेकिन अगर उनसे पूछा जाएगा तो वह अंडमान निकोबार में काम करना पसंद करेंगे. उनके मुताबिक, इससे उन्हें निकोबार में काम करने का मौका मिलेगा, जो देश का सबसे दक्षिणी सब डिविजन है. यहां ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर काम भी चल रहा है और वह इसका हिस्सा बनना चाहते हैं. अनुज ने इसके अलावा ट्राइबल इलाकों में भी सेवा करने की इच्छा जताई है.
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