The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • upsc prelims civil services 2026 paper leak row social media allegations anantam ias truth revealed

UPSC Prelims 2026 का पेपर हुआ था लीक? वायरल दावे का जानें सच

UPSC Paper leak: सोशल मीडिया पर एक कोचिंग संस्थान ने दावा किया कि UPSC प्रीलिम्स एग्जाम के ज्यादातर प्रश्न उनके स्टडी मटेरियल से मैच करते हैं. जिसके बाद पेपर लीक की अटकलें तेज हो गईं. लेकिन अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है.

Advertisement
pic
pic
सुप्रिया
| शुभम कुमार
16 जून 2026 (पब्लिश्ड: 04:05 PM IST)
upsc civil services paper leak row
UPSC के सिविल सर्विसेज प्रीलिम्स एग्जाम को लेकर विवाद. (फोटो- स्क्रीनग्रैब)
Quick AI Highlights
Click here to view more

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सिविल सर्विसेज एग्जाम का प्रीलिम्स पेपर (UPSC Prelims 2026) लीक हुआ था? सोशल मीडिया पर ये सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जा रहा है. एक कोचिंग संस्थान का दावा है कि प्रीलिम्स 2026 के 100 में से 82 सवाल उसके स्टडी मटेरियल और ऑनलाइन कंटेंट से आए थे. दावा इतना बड़ा था कि देखते ही देखते इस पर विवाद खड़ा हो गया.

कांग्रेस की स्टूडेंट व‍िंग NSUI इस मामले में UPSC से जवाब मांग रही है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है. वहीं सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इसे मार्केटिंग कम्पैन का मामला बता रहे हैं. तो क्या वाकई UPSC का पेपर लीक हुआ था? आरोप, दावे और तथ्यों के आधार पर पूरा विवाद समझते हैं.  

विवाद शुरू कैसे हुआ? 

UPSC प्रीलिम्स 2026 का रिजल्ट 15 जून को जारी हुआ. एग्जाम 24 मई को हुआ था. एग्जाम के कुछ समय बाद से ही Anantam IAS नाम के एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा कंटेंट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. संस्थान की ओर से दावा किया गया कि प्रीलिम्स परीक्षा में पूछे गए 100 में से 82 प्रश्न उसके स्टडी मटेरियल और ऑनलाइन कंटेंट से आए थे.

वैसे किसी कोचिंग संस्थान का अपने कंटेंट या रिजल्ट की सफलता का दावा करना कोई नई बात नहीं है. लेकिन इस मामले में विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने संस्थान की वेबसाइट और ऑनलाइन कंटेंट की जांच शुरू की.

आरोप है कि एग्जाम खत्म होने के बाद संस्थान ने अपनी वेबसाइट के कुछ पेजों में बदलाव किए और बाद में दावा किया कि वही कंटेंट पहले से मौजूद था. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने वेबसाइट की एडिट हिस्ट्री और सोर्स कोड से जुड़े स्क्रीनशॉट शेयर किए. उनका दावा है कि वेबसाइट के कुछ पेजों में दिखाई देने वाली ‘dateModified’ एंट्री से पता चलता है कि उनमें एग्जाम के बाद बदलाव किए गए थे.

हालांकि, सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इन स्क्रीनशॉट्स और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ना ही UPSC की ओर से अब तक ऐसा कोई बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया हो कि UPSC प्रीलिम्स 2026 का पेपर लीक हुआ था.

NSUI ने क्या कहा? 

इसी विवाद के बीच कांग्रेस की स्टूडेंट व‍िंग NSUI ने भी मामला उठाया है. NSUI ने UPSC से पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने अपने X अकाउंट से एक वीडियो मैसेज जारी किया है.

उनका कहना है कि अगर किसी संस्थान ने परीक्षा के बाद कॉन्टेंट में बदलाव कर छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की है तो इसकी जांच होनी चाहिए. साथ ही अगर किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उससे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए.

कुछ यूजर 'मार्केटिंग' बता रहे 

दूसरी ओर सोशल मीडिया पर कई लोग ये तर्क दे रहे हैं कि बिना पर्याप्त सबूत के पूरे मामले को ‘पेपर लीक’ कहना जल्दबाजी होगी. उनका कहना है कि अब तक सामने आए आरोप मुख्य रूप से वेबसाइट में कथित बदलाव और मार्केटिंग दावों से जुड़े हैं, न कि परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध होने के किसी सबूत से.

OK
यूजर ने मार्केटिंग बताया. 

इस विवाद ने एक बार फिर कोचिंग इंडस्ट्री की मार्केटिंग रणनीतियों पर बहस छेड़ दी है. हर साल कई कोचिंग संस्थान ये दावा करते हैं कि उनके नोट्स, टेस्ट सीरीज या क्लासरूम कॉन्टेंट से बड़ी संख्या में प्रश्न परीक्षा में पूछे गए. लेकिन किसी भी दावे को स्वीकार करने से पहले उसके समर्थन में मौजूद सबूतों को परखना जरूरी है.

वीडियो: UPSC प्री के पेपर देख छात्रों के होश उड़े, कैसा था इस बार का पेपर?

Advertisement

Advertisement

()