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UPSC Prelims 2026 अब तक का सबसे टफ एग्जाम? नाराज एस्पिरेंट ने आयोग का नाम 'बदल' डाला

कहा जा रहा है कि जनरल स्टडी का पहला ही पेपर देखकर छात्रों का माथा चकरा गया. 56 पेज का क्वेश्चन पेपर और एक पेज पर सिर्फ दो सवाल. सवाल ऐसे लंबे कि इंच टेप मंगाने का मन कर जाए. सवालों की ‘कठिनता’ ऐसी कि एग्जाम पास कर अफसर बन गए लोग भी कहने लगे कि ये तो उनसे भी न हो पाएगा.

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25 मई 2026 (अपडेटेड: 25 मई 2026, 05:44 PM IST)
UPSC Pre Question Paper
यूपीएससी के प्री पेपर को अब तक का सबसे कठिन पेपर बताया जा रहा है. (फोटो- India Today)
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IAS अफसर बनाने वाली परीक्षा यानी UPSC का प्रीलिम्स पेपर 24 मई को हो गया. दोपहर साढ़े 11 बजे की चिलचिलाती गर्मी में पेपर देकर बाहर निकले कई अभ्यर्थियों के चेहरे उड़े हुए थे. वजह दो. एक तो भीषण गर्मी, दूसरा क्वेश्चन पेपर.

कहा जा रहा है कि जनरल स्टडीज का पहला ही पेपर देखकर छात्रों का माथा चकरा गया. 56 पेज का क्वेश्चन पेपर और एक पेज पर सिर्फ दो सवाल. सवाल ऐसे लंबे कि इंच टेप मंगाने का मन कर जाए. सवालों की ‘डिफिकल्टी’ ऐसी कि एग्जाम पास कर अफसर बन गए लोग भी कहने लगे कि ये तो उनसे भी न हो पाएगा. 

चंडीगढ़ में UPSC की तैयारी कराने वाले शेखर दत्त ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि ‘ये अब तक की सबसे टफ UPSC प्रीलिम्स परीक्षाओं में से एक थी.’ उन्होंने UPSC को एक नया नाम दिया और कहा कि ये ‘Unprecedented (जो पहले न हुआ हो) Public Service Commission’ है. 

इंडिया टुडे से बात करते हुए शेखर दत्त ने कहा कि इस बार प्रीलिम्स का पेपर ऐसा कठिन था कि कई सिलेक्टेड और अच्छी रैंक पाने वाले UPSC एस्पिरेंट ने भी उनसे कहा कि इतना टफ पेपर उन्होंने आज तक नहीं देखा था. हालांकि, UPSC के लिए ये नई बात नहीं है. हर बार अपने पैटर्न से वह छात्रों को चौंकाता रहा है. लेकिन लोग कह रहे हैं कि इस बार तो ‘हद पार’ हो गई. 

सवालों की लंबाई से परेशान 

शेखर दत्त ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया कि इस बार पेपर के पैटर्न में जो सबसे बड़ा बदलाव हुआ था वह सवालों की लेंथ को लेकर था. पहले की परीक्षाओं में GS-1 वाले पेपर के सारे 100 सवाल तकरीबन 40 पेज में फैले होते थे, लेकिन इस बार पेपर 56 पन्नों का था. कई पेज ऐसे थे, जिसमें सिर्फ दो ही सवाल थे. बता दें कि ये 100 सवाल हल करने के लिए छात्रों को सिर्फ 120 मिनट का समय मिला था. यानी एक सवाल पर 1 मिनट 20 सेकेंड खर्च किया जा सकता था. 

दत्त बताते हैं कि सिर्फ एक मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन को हल करने के लिए छात्रों को आधा पेज पढ़ना पड़ता था. इसमें काफी समय लगता था. पहले के क्वेश्चन पेपर्स में एक पेज में 7-8 सवाल होते थे. लेकिन इस बार तो सिर्फ दो ही थे क्योंकि सवाल ही बहुत लंबे-लंबे थे. 

ये बात परीक्षा देने वाले कई अभ्यर्थियों ने भी कही है. एक उम्मीदवार ने बताया कि उनकी तैयारी काफी अच्छी थी. विषय की जानकारी भी बढ़िया थी, लेकिन फिर भी वह 100 में से केवल 66 सवालों को ही हल कर पाए. अभ्यर्थियों ने बताया कि सवाल इतने लंबे थे कि उन्हें पढ़ने और एनालिसिस करने में ही सारा समय चला गया. 

परीक्षा में बैठने वाले 22 साल के रंजन कुमार ने इंडिया टुडे को बताया कि प्रीलिम्स में कई सवाल ऐसे पूछे गए थे जो मेन्स यानी अगले लेवल की परीक्षा के सिलेबस में होते हैं. उन्होंने बताया कि एक एथिक्स (नीतिशास्त्र) से और कुछ इंटीग्रिटी से जुड़े सवाल भी प्री की परीक्षा में आए थे. लेकिन आमतौर पर वो UPSC मेन्स परीक्षा के सवाल माने जाते हैं. 

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