भाई ने बहन को वॉट्सऐप पर कहा- 'मुझसे गलती हो गई', अगले दिन घर में 5 शव मिले
Saharanpur family death: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच लोग कमरे में संदिग्ध हालात में मृत मिले. पुलिस ने सभी के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से इलाके में खलबली मच गई. मृतकों में अशोक राठी (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) और देव (13) शामिल हैं. सभी के माथे पर गोली के निशान पाए गए हैं. कमरे के पास से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं. पुलिस ने घर को सील कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
इंडिया टुडे से जुड़े राहुल कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि 19-20 जनवरी की दरम्यानी रात करीब तीन बजे अशोक ने अपनी बहन को वॉट्सऐप पर एक रिकॉर्डिंग भेजी थी. इसमें वो कथित तौर पर कह रहे थे, ‘मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है.’ सुबह जब बहन ने फोन देखा, तो वो घबरा गई. इसके तुरंत बाद उसने एक रिश्तेदार को इसकी जानकारी दी. उस रिश्तेदार ने परिवार को कई कॉल किए, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद वो सीढ़ी लगाकर पहली मंजिल पर गए. वहां उन्होंने देखा कि परिवार के सभी लोग मृत पड़े थे. सबको गोली लगी हुई थी.
इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई. उसने मौके पर पहुंच कर दरवाजा खोला, तो पांच लोगों के शव संदिग्ध हालात में मिले. अशोक और उनकी पत्नी के शव फर्श पर थे, जबकि अशोक की मां और दोनों बेटों के शव बेड पर पड़े थे.
मृतक अशोक के कजन जितेंद्र राठी ने बताया, “परिवार को कई फोन किए गए थे. किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, इसके बाद एक रिश्तेदार ने सीढ़ी लगाई और उनके घर पर चढ़ा. लेकिन तब उसने अंदर जो हालात देखी, वो बहुत बुरी थी. फिर उसने हमें फोन किया. जब हम आए और गेट खोला और अंदर देखा, तो सब ऐसे ही पड़े हुए थे. सभी को गोलियां लगी हुई थीं.”
मामले पर सहारनपुर के SSP आशीष तिवारी ने बताया,
“सरसावा थाने के कौशिक विहार कॉलोनी से सुबह एक सूचना मिली कि पांच लोगों के शव एक ही घर में है. ये कमरा अंदर से बंद पड़ा था. जब पुलिस मौके पर आई, तो देखा कि यहां जो अशोक राठी, उसके पास तीन पिस्टल्स पड़ी थीं. प्रथम दृष्टया दिख रहा है कि उनकी पत्नी, मां और दोनों लड़कों के सिर पर गोली लगी है, जो बहुत क्लोज से मारी गई है. माना जा रहा है कि इस दौरान कोई स्ट्रगल नहीं हुआ है. ऐसे में शुरुआत में ये ही लग रहा है कि उन्होंने पहले गोली परिवार को मारकर फिर खुद को मारी.”
SSP आशीष तिवारी ने आगे कहा कि ये देखा जा रहा है कि क्या अशोक की कोई मेडिकल हिस्ट्री है. क्या डिप्रेशन की हिस्ट्री है. इनकी दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस और फिजिकल एविडेंस देखें जा रहे हैं. जांच की जा रही है कि उन्होंने कोई सुसाइड नोट या किसी तरह की कोई चीज छोड़ी हो.
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अशोक डिप्रेशन का शिकार था और उसकी दवाइयां भी ले रहा था. वो जिला प्रशासन विभाग में अमीन (भूमि सर्वेक्षक) के पद पर कार्यरत था. पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
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