पत्नी गायब हुई तो पति ने रिपोर्ट लिखाई, लेकिन एक ओटीपी ने पूरा मामला खोल दिया
उत्तर प्रदेश के बस्ती में कथित मर्डर केस का चौंकाने वाला खुलासा एक OTP से हुआ. जिस पत्नी और बेटे को मृत समझा जा रहा था, वे राजस्थान के सीकर में जिंदा मिले. आधार कार्ड अपडेट अलर्ट के बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस से दोनों को ढूंढ निकाला, जिससे पूरा मामला पलट गया.
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक कथित मर्डर केस की गुत्थी एक ओटीपी की मदद से सुलझा ली. वही 4 या 6 अंकों वाला ओटीपी, जिसे आमतौर पर किसी से साझा नहीं किया जाता. दरअसल, 2024 में बस्ती के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी और 5 साल के बेटे की हत्या कर दी गई है. उसने इस मामले में अपने ससुराल वालों पर आरोप लगाया था. फरवरी 2026 तक पुलिस इसे गायब होने और हत्या का मामला मानकर जांच कर रही थी, लेकिन एक ओटीपी ने पूरी कहानी बदल दी.
क्या है पूरा मामला?बस्ती पुलिस के मुताबिक, यह घटना 4 नवंबर 2024 की है. शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी और 5 साल का बेटा पैकोलिया इलाके से घर से निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे. ससुराल पक्ष पर शक जताते हुए उसने आरोप लगाया कि दोनों की हत्या कर शव नदी में फेंक दिए गए हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. कई लोगों से पूछताछ हुई, छापेमारी भी की गई, लेकिन किसी ठोस मकसद का पता नहीं चल सका.
कुछ महीनों बाद संदीप के मोबाइल पर एक ओटीपी आया. यह संदेश इस बात का अलर्ट था कि उसकी पत्नी के आधार कार्ड में पता बदलने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि आधार से उसका नंबर लिंक था. इसके बाद वह तुरंत पुलिस के पास पहुंचा.
मामले पर जानकारी देते हुए कप्तानगंज थाना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया,
पुलिस ने ‘गायब’ पत्नी को ढूंढ निकालाशिकायतकर्ता को संदेश मिला कि उसकी पत्नी की आधार डिटेल्स में बदलाव किया जा रहा है. आधार में अपडेट की गई नई जानकारी के आधार पर हमने जांच तेज कर दी.
टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पुलिस उस फोन नंबर तक पहुंची, जिसका इस्तेमाल आधार अपडेट करने में हुआ था. लोकेशन राजस्थान के सीकर की निकली. वहां पहुंचकर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि संदीप की 29 वर्षीय पत्नी और उसका बेटा जिंदा मिले. वही मां-बेटा, जिनकी हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी.
पुलिस दोनों को बस्ती लेकर आई. यहां पता चला कि महिला ने घर छोड़ने के बाद एक और बेटे को जन्म दिया, जो अब तीन महीने का है.
पूछताछ में क्या सामने आया?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने पुलिस को बताया कि वह संदीप के साथ नहीं रहना चाहती थी, क्योंकि उसे लगता था कि वह उसकी जरूरतों की परवाह नहीं करता. परेशान होकर वह अपने बेटे के साथ माता-पिता के घर चली गई थी. 1 जुलाई 2024 को वह घर छोड़कर निकल गई और अयोध्या पहुंची, जहां उसने आत्महत्या की कोशिश की. उसी दौरान राजस्थान के एक व्यक्ति ने उसकी जान बचाई.
पुलिस के अनुसार, वह व्यक्ति छोटे-मोटे काम करके गुजर-बसर करता है. वह महिला को अपने घर ले गया और दोनों साथ रहने लगे. बाद में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया. महिला ने साफ कहा है कि वह अपने पति के पास वापस नहीं जाना चाहती और अपनी मर्जी से उसी व्यक्ति के साथ रहना चाहती है.
आधार अपडेट से खुला राजपुलिस के मुताबिक, महिला अपने बड़े बेटे का स्कूल में दाखिला कराने के लिए आधार डिटेल्स अपडेट करवा रही थी. चूंकि वह खुद सेंटर पर मौजूद थी, इसलिए ओटीपी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बदलाव दर्ज हो गए. इसी अपडेट का अलर्ट संदीप के मोबाइल पर पहुंचा और पूरा मामला खुल गया.
वहीं संदीप का कहना है कि वह अपने बेटे को वापस पाना चाहता है, लेकिन उसकी पत्नी उसे सौंपने के लिए तैयार नहीं है.
वीडियो: कैंसर पीड़ित पत्नी को सुपारी देकर मरवा दिया, लेकिन पुलिस के डॉग स्क्वाड ने पूरी कहानी खोल दी

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