The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • UP CM Yogi Adityanath on Sambhal Controversy Ain I Akbari Abul Fazal

मंदिर तोड़कर बनी संभल की जामा मस्जिद? सीएम योगी के दावे पर इतिहासकार ये बोले

उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा है कि विवादित ढांचे को मस्जिद ना कहा जाए. उन्होंने दावा किया है कि Sambhal में हिंदू मंदिर को तोड़कर मस्जिदनुमा ढांचा बनाया गया था.

Advertisement
Yogi Adityanath
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल मस्जिद को लेकर बड़ा दावा किया है. (तस्वीर: PTI)
pic
रवि सुमन
10 जनवरी 2025 (अपडेटेड: 10 जनवरी 2025, 04:35 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने संभल की शाही जामा मस्जिद (Sambhal Masjid) को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि यहां हरिहर मंदिर को ‘तोड़कर मस्जिद बनाई गई’ है. CM योगी ने दावा किया कि अबुल फजल की लिखी किताब ‘आइन-ए-अकबरी’ में ऐसा लिखा है. हालांकि इतिहासकारों ने उनके दावे पर सवाल खड़े किए हैं. उनका साफ कहना है कि आइन-ए-अकबरी में ऐसा कुछ नहीं लिखा है.

CM ने क्या कहा था?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संभल मस्जिद को लेकर CM ने दावा किया,

Image embed

योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि इस मामले में दूसरे पक्ष के लोग अपनी गलती स्वीकार करें. बकौल सीएम योगी,

Image embed

आगे CM ने इस विवाद को आइन-ए-अकबरी से जोड़ते हुए कहा,

Image embed

ये भी पढ़ें- महाकुंभ 2025: शंकराचार्य ने शुरू की अखाड़ों की परंपरा, अकबर ने पहली बार नियुक्त किए अफसर, पहला बजट कितना था?

मुख्यमंत्री ने ये तक कहा,

Image embed

CM योगी ने कहा कि विवादित ढांचे को मस्जिद ना कहा जाए. 

इतिहासकारों ने उठाए सवाल

अबुल फजल, अकबर के नवरत्नों में से एक थे. सीएम योगी ने अपने दावे में उनके नाम का हवाला दिया है, क्योंकि अबुल फजल ने ही आइन-ए-अकबरी लिखी थी. पूरे मसले पर दी लल्लनटॉप ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन और इतिहासकार डॉ. हेरंब चतुर्वेदी से बात की. उन्होंने बताया,

Image embed

एक और इतिहासकार और द हिंदूज ऑफ हिंदुस्तान: ए सिविलाइजेशनल जर्नी (2023) की लेखिका मीनाक्षी जैन ने भी दिसंबर महीने में इंडियन एक्सप्रेस को ऐसा ही कुछ बताया था. उन्होंने कहा था कि ‘आइन-ए-अकबरी’ में बाबर द्वारा मंदिर को नष्ट करने और मस्जिद के निर्माण का उल्लेख नहीं है.

इस विवाद पर दूसरा हवाला 'बाबरनामा' किताब को लेकर दिया जाता है. हेरंब चतुर्वेदी इस बारे में कहते हैं,

Image embed

पिछले साल 24 नवंबर को संभल की जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के लिए एक टीम गई थी. इसके बाद वहां हिंसा भड़क गई थी. इसमें कुछ लोगों की मौत हो गई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को इस मामले में कार्यवाही को अस्थायी रूप से रोक दिया था. इसके बाद 20 दिसंबर को ASI की टीम ने यहां सर्वे किया था.

वीडियो: संभल में ASI की टीम, 19 कुओं का भी सर्वे हुआ

Advertisement

Advertisement

()