कुलदीप सेंगर, जज, सरकार, बीजेपी, उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने किसी को नहीं छोड़ा
Unnao Rape Case: उन्नाव की रेप पीड़िता ने Kuldeep Singh Sengar की जमानत का विरोध किया. उन्होंने अपने चाचा के जेल में होने पर सवाल खड़े किए. पीड़िता की मां ने भी कोर्ट के फैसले पर निराशा जाहिर की.

उन्नाव रेप केस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार बेहद निराश है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को जमानत देने के साथ उसकी उम्रकैद पर भी रोक लगा दी. इसके खिलाफ रेप पीड़िता और उनकी मां के साथ महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भायना ने 23 दिसंबर इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें खींचकर वहां से हटा दिया.
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने सेंगर को 15 लाख रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी है. इसके बाद इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा के साथ बातचीत में कोर्ट के फैसले से नाराज रेप पीड़िता ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने कहा,
2017 के उन्नाव रेप केस की सुनवाई में रेप पीड़िता भी मौजूद थीं. उन्होंने कोर्ट के आदेश पर कहा,
उन्होंने आगे कहा,
कोर्ट के फैसले पर निराशा जाहिर करते हुए पीड़िता ने आगे कहा,
उन्नाव की रेप पीड़िता ने आरोप लगाया कि कुलदीप सेंगर ने जेल से CBI के अहम गवाह पत्रकार वीरेंद्र यादव पर गैंगस्टर एक्ट लगवाया. उन्होंने कहा कि वीरेंद्र को गिरफ्तारी के बाद 50 दिन तक जेल में रखा गया. पीड़िता ने यह भी दावा किया कि वीरेंद्र को करंट लगाने के साथ टॉर्चर किया गया.
इसके अलावा उन्होंने अपने चाचा के जेल में होने पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा,
रेप पीड़िता की मां भी कोर्ट के फैसले से काफी निराश हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा,
उन्नाव रेप केस वर्ष 2017 का है. आरोप है कि कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था. मामले की जांच CBI ने की थी. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 20 दिसंबर 2019 को सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी और मृत्यु तक जेल में रखने का आदेश दिया था. उस पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.
वीडियो: उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक, फिर भी जेल में रहेंगे?

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