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उमर खालिद फिर सुप्रीम कोर्ट के द्वारे, इस बार विशेष मांग रख दी

जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए पुनर्विचार याचिका लगाई है. इससे पहले 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हालांकि इसी मामले में कोर्ट ने पांच अन्य आरोपियों - गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफआ उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को कुछ शर्तों पर जमानत दे दी थी.

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13 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 13 अप्रैल 2026, 06:11 PM IST)
supreme court umar khalid bail review open hearing
उमर खालिद फिर से जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. (तस्वीरें- पीटीआई)
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दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की है. बीती 5 जनवरी को कोर्ट ने उनको जमानत देने से इनकार कर दिया था. इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग करते हुए उमर खालिद ने 13 अप्रैल को फिर याचिका दायर की है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने पुनर्विचार याचिका पर संज्ञान लिया है. मामले में सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तारीख तय हुई है. उमर खालिद की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल कोर्ट में पेश हुए. उन्होंने उमर की याचिका पर 'ओपन कोर्ट' में सुनवाई की मांग की. आम तौर पर जस्टिस पुनर्विचार याचिका पर अपने चेंबर में ही सुनवाई करते हैं. लेकिन उमर खालिद चाहते हैं कि उनके मामले में 'ओपन कोर्ट' में सुनवाई की जाए. उमर की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा,

 बेंच याचिकाकर्ता की इस मांग पर विचार करेगी और जरूरी हुआ तो मामले को ओपन कोर्ट में सुना जाएगा. 

5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. कोर्ट ने कहा था कि आरोपी एक साल तक दोबारा जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते. हालांकि इसी मामले में कोर्ट ने पांच अन्य आरोपियों - गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफआ उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को कुछ शर्तों पर जमानत दे दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी के आदेश में ये भी कहा था कि उमर खालिद और शरजील इमाम दोबारा तभी जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं, जब मामले से जुड़े गवाहों (Protected Witnesses) की गवाही पूरी हो जाए या फिर 5 जनवरी से एक साल का समय बीत जाए. 

जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं. उन पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने और UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. ये दंगे फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए थे. इससे पहले लोअर कोर्ट और हाई कोर्ट भी उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर चुके हैं. 

अब 15 अप्रैल की सुनवाई में ये तय होगा कि सुप्रीम कोर्ट अपने पुराने फैसले पर टिका रहेगा या इस पर दोबारा विचार करेगा. साथ ही ये भी देखना होगा कि कोर्ट ओपन कोर्ट में सुनवाई का अनुरोध स्वीकारती है या नहीं. 

वीडियो: उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

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