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कोकेन के धुएं, बंदूक की नोक और हैकिंग का खेल: यूक्रेनी हैकर ने अमेरिका की साइबर सुरक्षा की पोल खोली

Olga Kuprina ने अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी को एक्सपोज कर दिया. उसने अमेरिकी Security and Exchange Commission के सीक्रेट फाइल्स को हैक कर लिया. महिला ने अमेरिकी अधिकारियों को इसका सबूत भी दिखाया.

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Olga Kuprina ukranian hacker ghost in the shell
ओल्गा कुप्रिना नासा के साइबर सिक्योरिटी में भी सेंध लगा चुकी है. (इंस्टाग्राम)
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आनंद कुमार
10 जून 2025 (Published: 10:26 AM IST)
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साल 2016. अमेरिका की सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) साइबर अटैक का शिकार हुआ. काफी हंगामा मचा. आरोप अमेरिकन डे ट्रेडर्स पर लगा. लेकिन फिर सीन में आई एक यूक्रेनी हैकर (Ukrainian Hacker) जिसने इस मामले का खुलासा किया. और अमेरिकी साइबर सिक्योरिटी (US Cyber Security) पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए. पूरी कहानी फिल्मी लगती है, लेकिन ये फसाना नहीं हकीकत है.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ओल्गा कुप्रिना (Olga Kuprina), जिनकी ऑनलाइन पहचान ‘घोस्ट इन द शेल’ के नाम से है, 2016 में सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन SEC के एडगर फाइलिंग सिस्टम में साइबर अटैक मामले में व्हिसलब्लोअर बन गईं. और  इस हाई प्रोफाइल मामले की खुलासा करने में सहायक बनीं.

ओल्गा कुप्रिना को कोकेन, लैपटॉप और बंदूकों से घिरे अपराधियों ने उनके अपार्टमेंट में बंधक बना लिया. यह यूक्रेन के लोकल क्राइम बॉस आर्तेम राडचेंको का गैंग था. आर्तेम ने ओल्गा को दुनिया की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट फाइलिंग डिपॉजिटरी SEC के सिस्टम को हैक करने के लिए कहा.

राडचेंको कथित तौर पर इन डॉक्यूमेंट्स को 2 लाख डॉलर (1 करोड़ 71 लाख भारतीय रुपये) प्रति डॉक्यूमेंट बेचने की योजना बना रखी थी. ब्लूमबर्ग के मुताबिक ओल्गा ने जब हैकिंग के लिए पेमेंट की बात की तो राडचेंको ने कथित तौर पर उसकी नाक तोड़ दी. नशे में धुत राडचेंको ने ओल्गा को कमांड देना शुरू किया. ओल्गा ने उसे फॉलो भी किया. लेकिन साथ ही उसके दिमाग में कुछ और चल रहा था. राडचेंको की स्थिति का फायदा उठाकर उसने वहां से भागने की योजना बनाई और इसमें सफल भी रही. 

राडचेंको के चंगुल से निकलकर ओल्गा ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क किया. और उन्हें बताया कि उसने SEC के सेंसेटिव डेटा तक अपनी पहुंच बना ली थी. इसके सबूत के तौर पर उसने अधिकारियों को हार्ड ड्राइव और हैंड रिटेन नोट्स भी सौंपे. जिससे उसका दावा साबित हो गया.

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ओल्गा ने जांच अधिकारियों को बताया कि SEC की साइबर सिक्योरिटी बेहद कमजोर थी. उसने आगे बताया कि एडगर एक पुराना पैच टू गाइड सिस्टम था, जिसकी सिक्योरिटी दुरुस्त करने की जरूरत थी. ओल्गा कुप्रिना ने सिटीग्रुप, नैस्डैक, डॉव जोन्स और नासा के साइबर सिक्योरिटी में भी सेंध लगाया था. ओल्गा साल 2018 में अपनी मां और बेटी को छोड़कर अमेरिका भाग गई.

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