हिंदी 'थोपने' के विरोध में उतरे उद्धव ठाकरे, बोले- 'हमने तो फिल्म इंडस्ट्री को पाला है'
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने त्रिभाषा फॉर्मूले का विरोध किया है. उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह भाषायी आपातकाल है, जो ये लोग हम पर थोप रहे हैं.

महाराष्ट्र में स्कूलों में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के फैसले के खिलाफ अब कई क्षेत्रीय पार्टियां खुलकर सामने आ रही हैं. शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर इस फैसले का विरोध किया है. उद्धव ठाकरे ने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की 'साजिश' बताया और कहा कि ये मुद्दा शिक्षकों को आपस में बांटने का काम कर रहा है.
उद्धव ठाकरे ने कहा,
उद्धव ठाकरे ने इसे एक अलग तरह का आपातकाल बताते हुए कहा कि
उद्धव ठाकरे ने कहा,
उद्धव ठाकरे ने हिंदी के खिलाफ भावना से इनकार करते हुए कहा,
बता दें कि त्रिभाषा फॉर्मूले के अनुसार महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों में स्कूली शिक्षा में पहली कक्षा से हिंदी को लागू किया जा रहा है. उद्धव ठाकरे के अलावा उनके भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे भी इसके खिलाफ हैं. उन्होंने इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन का एलान किया है, जिसे उद्धव ठाकरे ने भी समर्थन दिया है.
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