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ट्रेन में बुजुर्गों को क्यों नहीं मिलती लोअर बर्थ? इस TTE को सुन वजह और सॉल्यूशन दोनों मिलेंगे

ट्रेन में सीनियर सिटिजन कोटा सिलेक्ट करने के बाद भी बुजुर्ग यात्रियों को लोअर बर्थ क्यों नहीं मिलती? इस सवाल का जवाब एक वायरल वीडियो में टीटीई ने दिया है.

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TTE viral video
TTE ने वायरल वीडियो में बताया है कि सीनियर सिटिजन के लिए टिकट कैसे बुक करना है (X)
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राघवेंद्र शुक्ला
11 नवंबर 2025 (Published: 07:29 PM IST)
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ट्रेन में 70 साल के एक अंकल को ऊपर वाली बर्थ मिल गई. उनके बेटे ने परिवार के साथ जब उनका भी टिकट कराया था तो प्रेफरेंस में उनके लिए सीनियर सिटिजन कोटे के तहत लोअर बर्थ मांगी थी. क्योंकि 3-Tier डिब्बे में अपर या मिडिल बर्थ में चढ़ने में उन्हें तकलीफ होती. 11 नवंबर 2024 को अविजित चक्रवर्ती नाम के व्यक्ति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए ऐसी ही शिकायत की. बताया कि रेलवे ने 75 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति और गर्भवती महिला, दोनों ही को ऊपरी बर्थ दे दी. उन्होंने रेलवे के इस सिस्टम को ‘शर्मनाक’ बताया और कहा कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि बच्चों वाली महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को निचली बर्थ मिल सके.

पहले जो ट्विटर था और अब एक्स, वहां पर ऐसी शिकायतों की भरमार है. यह पहेली लोगों की समझ से परे है कि कैसे वरिष्ठ नागरिक कोटा लगाने के बाद भी किसी बुजुर्ग व्यक्ति को ऊपरी बर्थ मिल जाती है. 

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75 साल के बुजुर्ग को मिली अपर बर्थ (X)

अब इंटरनेट पर वायरल वीडियो में एक टीटीई ने इस ‘रहस्य’ से पर्दा उठाया है. 36 सेकेंड का यह वीडियो डिब्रूगढ़-राजधानी एक्सप्रेस का है. इसमें टीटीई की ड्रेस में एक व्यक्ति है, जो यात्रियों को संबोधित करते हुए कुछ समझा रहा है. वीडियों में वह कहता है, 

आज हम ट्रेन संख्या 2424 डिब्रूगढ़ राजधानी में सवार हैं. यहां 4 पैसेंजर हैं. सभी वरिष्ठ नागरिक हैं. उनमें से किसी को भी लोअर बर्थ नहीं मिली है. उन सभी को मिडिल और अपर बर्थ मिली है. इसलिए, उन्होंने मुझसे पूछा कि ऐसा क्यों हुआ?

कारण बताते हुए टीटीई ने आगे कहा, 

“अगर आप सीनियर सिटिजन कोटे का फायदा लेना चाहते हैं और लोअर बर्थ पाना चाहते हैं तो एक टिकट पर केवल 2 यात्रियों का रिजर्वेशन करना चाहिए. अगर एक टिकट में 3 या 4 लोगों की बर्थ बुक की जाती है तो उन्हें सीनियर सिटिजन का फायदा नहीं मिलता. इसलिए अगर 2 से ज्यादा सीनियर सिटिजन को लोअर सीट वाला फायदा लेना है तो उन्हें दो-दो करके दो बार में बुकिंग करनी चाहिए.”

मतलब कि अगर आप एक साथ चार लोगों का टिकट बुक करते हैं और चारों सीनियर सिटिजन हैं तो जरूरी नहीं कि उन्हें लोअर सीट मिल जाए. क्योंकि ऐसा होने पर टिकट को वरिष्ठ नागरिक कोटे से नहीं बल्कि जनरल बुकिंग में गिन लिया जाता है. ऐसे में कंप्यूटर जो सीट दे देगा, उसी से संतोष करना पड़ेगा. अविजित चक्रवर्ती वाले मामले पर जवाब देते हुए रेलवे भी यही बात कहता है. उसके मुताबिक,

लोअर बर्थ या सीनियर सिटिजन कोटा की सीटें खासतौर पर दो तरह के यात्रियों के लिए आरक्षित होती हैं. पहला- पुरुष यात्रियों के लिए, जिनकी उम्र 60 साल या उससे अधिक हो. दूसरा- महिला यात्रियों के लिए, जिनकी उम्र 45 साल या उससे अधिक हो.

लेकिन ये सुविधा तभी लागू होती है जब सीनियर सिटिजन की योग्यता वाले पैसेंजर अकेले या दो लोग एक ही टिकट पर यात्रा कर रहे हों. अगर एक टिकट पर 2 से ज्यादा लोग हैं, या एक सीनियर सिटिजन के साथ कोई दूसरा गैर-सीनियर व्यक्ति है तो सिस्टम उस टिकट के लिए लोअर बर्थ का लाभ नहीं देता.

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रेलवे ने बताया बुजुर्ग को क्यों नहीं मिली लोअर बर्थ (X)

इमरान कैन नाम के एक यूजर ने 7 नवंबर को एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा, 

मैंने 7 नवंबर 2025 की यात्रा के लिए कुरनूल सिटी (KRNT) से चेन्नई एग्मोर तक का तत्काल टिकट दो महिला सीनियर सिटिजन के लिए बुक किया है. उन्हें अपल और मिडल बर्थ मिली है. दोनों को हड्डियों से जुड़ी तकलीफ है. इसलिए वे ऊपर चढ़ नहीं सकतीं. क्या आप इनके लिए नीचे वाली सीट (Lower Berth) की कोई व्यवस्था कर सकते हैं?

इस पोस्ट पर रेलवे ने जो जवाब दिया, वह आपको भी अगली बार ऐसी परिस्थिति में सीट बुक करने से पहले ध्यान रखनी चाहिए. IRCTC ने इस पर कहा,  

आप अगर सीनियर सिटिजन कोटा (Senior Citizen Quota) में टिकट बुक करेंगे तो लोअर बर्थ (नीचे वाली सीट) मिलने की अधिक संभावना रहती है. अगर आप जनरल कोटा (General Quota) में टिकट बुक करते हैं तो आप ‘Lower Berth Preference’ का विकल्प चुन सकते हैं. लेकिन सीट का Allotment पूरी तरह Availability पर निर्भर करता है. टिकट बुक करते समय आप ‘Reservation Choice’ में यह विकल्प भी चुन सकते हैं- ‘Book only if lower berth is allotted.’ यानी टिकट तभी बुक हो, जब नीचे वाली सीट मिले.

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रेलवे ने बताया, लोअर बर्थ नहीं मिली तो क्या करें (X)

रेलवे ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि जनरल कोटा में लोअर बर्थ का अलॉटमेंट पूरी तरह कंप्यूटर से होता है. इसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता. हां, अगर अनजाने में आपसे गलती हो ही गई है तो यात्रा के दौरान पैसेंजर ड्यूटी पर मौजूद टीटीई (TTE) से मदद मांग सकते हैं या सीट बदलने के लिए कह सकते हैं.

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