ट्रेन में बुजुर्गों को क्यों नहीं मिलती लोअर बर्थ? इस TTE को सुन वजह और सॉल्यूशन दोनों मिलेंगे
ट्रेन में सीनियर सिटिजन कोटा सिलेक्ट करने के बाद भी बुजुर्ग यात्रियों को लोअर बर्थ क्यों नहीं मिलती? इस सवाल का जवाब एक वायरल वीडियो में टीटीई ने दिया है.

ट्रेन में 70 साल के एक अंकल को ऊपर वाली बर्थ मिल गई. उनके बेटे ने परिवार के साथ जब उनका भी टिकट कराया था तो प्रेफरेंस में उनके लिए सीनियर सिटिजन कोटे के तहत लोअर बर्थ मांगी थी. क्योंकि 3-Tier डिब्बे में अपर या मिडिल बर्थ में चढ़ने में उन्हें तकलीफ होती. 11 नवंबर 2024 को अविजित चक्रवर्ती नाम के व्यक्ति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए ऐसी ही शिकायत की. बताया कि रेलवे ने 75 साल के एक बुजुर्ग व्यक्ति और गर्भवती महिला, दोनों ही को ऊपरी बर्थ दे दी. उन्होंने रेलवे के इस सिस्टम को ‘शर्मनाक’ बताया और कहा कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि बच्चों वाली महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को निचली बर्थ मिल सके.
पहले जो ट्विटर था और अब एक्स, वहां पर ऐसी शिकायतों की भरमार है. यह पहेली लोगों की समझ से परे है कि कैसे वरिष्ठ नागरिक कोटा लगाने के बाद भी किसी बुजुर्ग व्यक्ति को ऊपरी बर्थ मिल जाती है.
अब इंटरनेट पर वायरल वीडियो में एक टीटीई ने इस ‘रहस्य’ से पर्दा उठाया है. 36 सेकेंड का यह वीडियो डिब्रूगढ़-राजधानी एक्सप्रेस का है. इसमें टीटीई की ड्रेस में एक व्यक्ति है, जो यात्रियों को संबोधित करते हुए कुछ समझा रहा है. वीडियों में वह कहता है,
कारण बताते हुए टीटीई ने आगे कहा,
मतलब कि अगर आप एक साथ चार लोगों का टिकट बुक करते हैं और चारों सीनियर सिटिजन हैं तो जरूरी नहीं कि उन्हें लोअर सीट मिल जाए. क्योंकि ऐसा होने पर टिकट को वरिष्ठ नागरिक कोटे से नहीं बल्कि जनरल बुकिंग में गिन लिया जाता है. ऐसे में कंप्यूटर जो सीट दे देगा, उसी से संतोष करना पड़ेगा. अविजित चक्रवर्ती वाले मामले पर जवाब देते हुए रेलवे भी यही बात कहता है. उसके मुताबिक,
इमरान कैन नाम के एक यूजर ने 7 नवंबर को एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा,
इस पोस्ट पर रेलवे ने जो जवाब दिया, वह आपको भी अगली बार ऐसी परिस्थिति में सीट बुक करने से पहले ध्यान रखनी चाहिए. IRCTC ने इस पर कहा,
रेलवे ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि जनरल कोटा में लोअर बर्थ का अलॉटमेंट पूरी तरह कंप्यूटर से होता है. इसमें कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं होता. हां, अगर अनजाने में आपसे गलती हो ही गई है तो यात्रा के दौरान पैसेंजर ड्यूटी पर मौजूद टीटीई (TTE) से मदद मांग सकते हैं या सीट बदलने के लिए कह सकते हैं.
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