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इंडियन आर्मी को जल्द मिलेगा TRAWL सिस्टम, T-72 और T-90 टैंक का बनेगा 'सुरक्षा कवच'

Anti Tank Mines से निपटने के लिए भारत के रक्षा मंत्रालय ने एक डील की है. इस डील के तहत T-72 और T-90 टैंकों में TRAWL नाम का एक सिस्टम लगाया जाएगा.

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22 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 22 अप्रैल 2026, 01:21 PM IST)
MoD 975 crore contract for TRAWL Assembly T72 T90 Tanks Indian Army minefield breaching capability
भारतीय सेना के पास T-90 और T-72 टैंक मौजूद हैं (PHOTO-AajTak)
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जंग के मैदान में जब एक टैंक उतरता है, तो वो अपने सामने आने वाली हर चीज को तबाह कर देता है. सेना के इन दमदार टैंक से निपटना भी बहुत मुश्किल होता है. जंग के मैदान में अधिकतर खतरों से ये खुद ही निपटने में सक्षम होते हैं. हालांकि, एक चीज है जिससे मजबूत से मजबूत टैंक भी नहीं पार पाते हैं, वो है 'एंटी टैंक माइन'. आसान भाषा में कहें तो टैंक को तबाह करने वाली बारूदी सुरंग. अब इन्हीं माइंस से निपटने के लिए भारत के रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ की एक डील की है. इस डील के तहत T-72 और T-90 टैंकों में TRAWL नाम का एक सिस्टम लगाया जाएगा. ये सिस्टम माइंस हटाने का काम करता है.

रक्षा मंत्रालय ने T-72/T-90 टैंकों के लिए TRAWL असेंबली की खरीद को मंजूरी दी है. मंत्रालय ने इसके लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 975 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है. TRAWL असेंबली विकसित करने का काम DRDO कर रहा है. ये भारतीय सेना की बारूदी सुरंगों को पार करने की क्षमता को बढ़ाएगा. साथ ही यह प्रॉक्सिमिटी मैग्नेटिक फ्यूज वाली एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों से भरे क्षेत्रों के बीच भी सुरक्षित रास्ता बनाएगा.  इस कॉन्ट्रैक्ट को ‘BUY’ श्रेणी में रखा गया है. यानी इसका डिजाइन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग: सब कुछ भारत में ही होना है. 

trawl system tanks
TRAWL के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया है (PHOTO- PIB)
कैसे काम करेगा TRAWL?

TRAWL एक तरह की मशीन है जिसे टैंक के अगले हिस्से में फिट किया जाता है. इसका काम रास्ते में दबी बारूदी सुरंगों को ढूंढ कर उन्हें हटाना है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक TRAWL के दो हिस्से होते हैं.

  • TRAWL का पहला हिस्सा एक रोलर होता है. यह वजन में बहुत भारी होता है. यह हिस्सा टैंक के आगे की जमीन पर दबाव डालता है जिससे जमीन के नीचे बिछी माइंस पहले ही फट जाती हैं. 
  • TRAWL का दूसरा हिस्सा माइन प्लाउ कहलाता है. प्लाउ यानी खेत जोतने वाला हल. यह हिस्सा मिट्टी को हटाता या धकेलता है. इससे जमीन के नीचे छिपी माइंस रास्ते के साइड में चली जाती हैं.

आमतौर पर TRAWL में एक बार में एक सिस्टम का ही इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन जरूरत पड़ने पर इसके दोनों हिस्सों को एक साथ ऑपरेट किया जा सकता है.

trawl system
टैंक में लगा TRAWL सिस्टम (PHOTO-(Janes/Kapil Kajal))

इस डील के बारे में जानकारी देते हुए BEML के प्रमुख सीएमडी शांतनु रॉय ने कहा कि यह ऑर्डर कंपनी पर भरोसे का संकेत है. उन्होंने कहा कि डीआरडीओ के साथ उनकी साझेदारी मजबूत है. यह भारत के रक्षा अनुसंधान की ताकत दिखाता है. उन्होंने मेक इन इंडिया पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक कंपनी सेना को बेहतरीन और स्वदेशी उपकरण देने पर काम करेगी. 

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