'उंगली नीचे करिए...', TMC और ECI की मीटिंग में ये क्या हुआ? अभिषेक बनर्जी ने फुटेज रिलीज करने की चुनौती दी
TMC सांसद Abhishek Banerjee का मानना है कि EVM नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के जरिए चुनाव में गड़बड़ी हो रही है. उन्होंने ECI पर आरोप लगाते हुए कहा कि SIR में सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी करके लोगों के नाम डिलीट किए जा रहे हैं.

"आप मनोनीत हो, हम निर्वाचित हैं." तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मुखातिब होकर ये बात कही. अभिषेक अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग (ECI) की टीम से मिले थे. इस बीच माहौल गर्मा गया. TMC सांसद का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने उनके ऊपर ‘उंगली उठाई’, जिस पर उन्होंने CEC से कहा, "उंगली नीचे करके बात कीजिए."
कथित वोट चोरी और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग लगातार विपक्ष के निशाने पर है. बुधवार, 31 दिसंबर को दिल्ली में TMC का प्रतिनिधिमंडल भी कुछ मुद्दों पर जवाब जानने के लिए CEC ज्ञानेश कुमार के पास गया. इसमें TMC के 10 सांसद और पश्चिम बंगाल सरकार के सीनियर कैबिनेट मंत्री शामिल थे. TMC का दावा है कि चुनाव आयोग ने उनके सवालों का ‘ठीक तरह से जवाब नहीं’ दिया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा,
उन्होंने आगे कहा,
CEC ज्ञानेश कुमार से बुरी तरह नाराज डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा,
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को बड़ी चुनौती दे डाली. उन्होंने CEC से TMC और चुनाव आयोग की मीटिंग का CCTV फुटेज रिलीज करने की मांग की.
इंडिया टुडे से जुड़े अमित भारद्वाज और संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिषेक ने कहा,
उन्होंने यह भी कहा कि ECI सर्वे के लिए लगाई गई एजेंसी के बारे में पूछने पर ECI ने कहा कि उन्हें इसके बारे में नहीं पता है. फिर TMC ने एजेंसियों को काम पर रखने के आदेशों के बारे में ECI को डॉक्यूमेंट्स दिए.
अभिषेक ने दावा किया कि पता समेत अलग-अलग कारणों से लॉजिकल गड़बड़ी के 1.36 करोड़ केस सामने आए, लेकिन इनकी कोई लिस्ट जारी नहीं की गई. उन्होंने यह भी कहा कि ECI ऐप में ‘फ्रॉड’ चल रहा है. अभिषेक ने बताया कि जब आप ECI के लॉजिकल गड़बड़ियों वाले सेक्शन में जाते हैं, तो एक सेक्शन में लिखा होता है- 'फाउंड इनएलिजिबिल', माने ‘अयोग्य पाया गया’.
उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेज देने के बावजूद वोटर्स को नोटिस मिलते देखे गए हैं. अभिषेक के मुताबिक, चुनाव आयोग ने माना कि ऐप में कोई गड़बड़ी हो सकती है. उन्होंने SIR के तहत बुजुर्गों को सुनवाई पर बुलाए जाने का भी मुद्दा उठाया. अभिषेक ने कहा,
अभिषेक बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार से SIR में पाए गए बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं की लिस्ट जारी करने के लिए कहा. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग 58 लाख लोगों की लिस्ट में साफ-साफ बताए कि कौन-कौन अवैध प्रवासी हैं. उन्होंने कहा, "अगर कोई अवैध प्रवासी है, तो हम उसे बाहर निकाल फेंकेंगे."
टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को अवैध प्रवासी और घुसपैठियों के नाम पर बदनाम किया जा रहा है, जबकि SIR में सबसे कम वोट कटे हैं. उन्होंने कहा,
कांग्रेस की तरह अभिषेक बनर्जी ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर वोटर चोरी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा,
अभिषेक ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए वोटर लिस्ट में वोट चोरी की जा रही है. उन्होंने कहा कि AERO की जानकारी के बगैर, बिना फॉर्म 7 भरे लोगों के नाम सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी करके डिलीट किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आयोग ने इस सवाल भी जवाब नहीं दिया.
TMC का मानना है कि EVM नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट के जरिए चुनाव में गड़बड़ी हो रही है. TMC तमिलनाडु और केरल में समान विचारधाराओं वाली पार्टियों के साथ अपने अनुभव साझा करेगी. पार्टी ने कहा कि लड़ाई मीडिया में नहीं, बल्कि ग्राउंड पर होगी और जनता लड़ेगी.
वीडियो: राजधानी: अमित शाह ने पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले क्या दावा किया?

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