बंगाल से दिल्ली आए, DU के प्रोफेसर की हत्या की, वापस बंगाल चले गए, वजह हैरान कर देगी
DU की एक महिला प्रोफेसर की हत्या उनके मकान में रहने वाले किराएदार कपल ने कर दी. कथित तौर पर किराएदार उनसे उनका मकान खरीदना चाहते थे, जिसे वो बेचने से मना कर रही थीं.

दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक 49 साल की महिला प्रोफेसर की कथित तौर पर हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी बेचने से मना कर दिया था. हत्या का आरोप उनके ही पुश्तैनी मकान में रहने वाले एक किराएदार कपल पर लगा है. कपल की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले से की है. आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 103 (1) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. मृत महिला प्रोफेसर की पहचान देबोस्मिता पॉल के तौर पर हुई है, जिनकी हत्या 4 जून को दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव इलाके में हुई.
बहन ने पुलिस को सूचना दीइंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, देबोस्मिता इस इलाके में स्थित अपने फ्लैट में मृत पाई गईं. पुलिस को इस मामले की सूचना उस वक्त मिली, जब मृतक की बहन ने फोन कर घटना के बारे में बताया. दरअसल, मृतक की बहन उन्हें लगातार फोन कर रही थीं. जवाब न मिलने पर वो उनके फ्लैट पर पहुंची, जहां गेट बाहर से बंद था. गेट तोड़कर फ्लैट के अंदर जाने पर उन्होंने अपनी बहन को मृत पाया. सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची. मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
जांच की कड़ी में अपार्टमेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों के खंगाला गया, जिससे आरोपियों के बारे में पता चला. आरोपियों की पहचान रामप्रसाद दास और बनश्री दास के तौर पर हुई है, जो मृतक के पुश्तैनी घर में किराएदार थे. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि आरोपी कपल साल 2023 से ही मृतका के मकान में रह रहा था. बाद में प्रोफेसर ने उन्हें कई दफा घर खाली करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं किया. हाल-फिलहाल में प्रोफेसर ने उन्हें आखिरी बार चेतावनी दी और घर खाली करने के लिए कहा. इसके बाद ही कपल ने प्रोफेसर की हत्या का प्लान बनाया.
फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कियापुलिस ने बताया कि आरोपी 3 जून को बर्धमान से दिल्ली पहुंचे. फर्जी आधार कार्ड पर दल्लूपुरा के एक गेस्ट हाउस में ठहरे. इसके बाद वो प्रोफेसर के फ्लैट पर पहुंचे और उनसे एक बार फिर मकान को बेचने की बात कही लेकिन प्रोफेसर ने फिर उनकी मांग को ठुकरा दिया. पहले से ही नाराज कपल को ये बात इतनी नागवार गुजरी की उन्होंने प्रोफेसर की हत्या कर दी और वापस बर्धमान लौट गए.
सीसीटीवी और अन्य सबूतों के आधार पर दिल्ली पुलिस 6 जून को बर्धमान पहुंची. इसके बाद आरोपियों के बारे पड़ताल के बाद उन्हें 7 जून को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच करने वाले अधिकारियों को जबरन घर में घुसने के सबूत नहीं मिले हैं. क्योंकि, मृतक आरोपियों को पहले से जानती थी. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है. मामले की जांच की जा रही है.
वीडियो: कानपुर पुलिस ने बुर्के में आरोपी को कैसे पहचान लिया?

