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'छाती घूरते, पासवर्ड अश्लील भाषा में रखे जाते थे', TCS नासिक केस में नई बातें पता चलीं

TCS Nashik Case Update: पीड़ितों में से एक ने दावा किया है कि ऑफिस के अंदर इस्तेमाल होने वाले पासवर्ड 'अश्लील भाषा' में रखे जाते थे. वहीं, एक दूसरी सीनियर कर्मचारी ने बताया कि एक आरोपी मीटिंग के दौरान बार-बार उन्हें गलत तरीके से घूरता था.

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23 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 23 अप्रैल 2026, 04:20 PM IST)
tcs nashik case, Unit's Passwords In Obscene Language
अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. (फाइल फोटो: ITG)
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. पीड़ितों में से एक ने दावा किया है कि ऑफिस के अंदर इस्तेमाल होने वाले पासवर्ड 'अश्लील भाषा' में रखे जाते थे. वहीं, एक दूसरी सीनियर कर्मचारी ने आरोप लगाया कि आरोपियों में से एक ने उनके ‘गर्भस्राव’ यानी मिसकैरेज को लेकर बहुत असंवेदनशील टिप्पणी की थी, जबकि दूसरे ने मीटिंग के दौरान बार-बार उन्हें गलत तरीके से घूरा.

‘अश्लील भाषा में रखे जाते थे पासवर्ड’

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने महिला आयोग के सामने अपने बयान दर्ज कराए. उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दिनों से ही आरोपी रजा मेमन ने बार-बार उनका मानसिक उत्पीड़न किया और उनके साथ गलत व्यवहार किया. महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी उन्हें अपने केबिन में बुलाता था और अश्लील बातें करता था. पीड़िता ने यह भी कहा कि आरोपी ने उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें कहीं.

35 साल का रजा रफीक मेमन भी TCS नासिक यूनिट के उन कर्मचारियों में से एक है, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. महिला के मुताबिक, जब उन्होंने रजा के रवैये के बारे में कंपनी यूनिट के मैनेजर से शिकायत की, तो उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया.

कंपनी के साथ 11 सालों से काम कर रही एक सीनियर कर्मचारी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने बताया कि फरवरी 2026 में, आरोपी तौसीफ अत्तार उनके पास आया और उनकी सेहत के बारे में पूछा. जब महिला ने उसे बताया कि हाल ही में ‘गर्भस्राव’ यानी मिसकैरेज होने की वजह से उनकी तबीयत ठीक नहीं है, तो आरोपी ने कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां कीं. 

पीड़िता ने आरोप लगाया कि अत्तार ने उनसे कहा, 

“मैं तुम्हें अजमेर के एक मौलवी का नंबर दूंगा. मैं गारंटी देता हूं कि अगर तुम वहां जाकर वापस आओगी, तो तुम्हें संतान सुख जरूर मिलेगा. तुम्हें वहां जरूर जाना चाहिए.”

बताते चलें कि मिसकैरेज (Miscarriage) और एबॉर्शन (Abortion) दोनों का ही मतलब गर्भपात ही होता है. लेकिन दोनों के बीच अंतर इरादे का है. मिसकैरेज प्राकृतिक कारणों से होने वाली अनचाही घटना है. इसमें महिला का कंट्रोल नहीं होता है. जबकि एबॉर्शन (गर्भपात) जानबूझकर (मेडिकल तरीके से) गर्भावस्था को खत्म करने की प्रक्रिया है.

'गंदे तरीके से घूरता था आरोपी'

सीनियर महिला कर्मचारी ने दावा किया कि आरोपियों में से एक शफी शेख, मीटिंग के दौरान उन्हें गंदे तरीके से घूरता था. उन्होंने याद करते हुए बताया, 

"2022 में, जब मैं दोपहर की एक मीटिंग के दौरान बैठी हुई थी, तो शफी शेख मुझसे लगभग तीन फीट की दूरी पर खड़ा था. मुझे एहसास हुआ कि वह मेरी छाती को लगातार घूर रहा था और इस तरह से मुस्कुरा रहा था जो मुझे गलत लगा. उसकी घूरती नजरों को बर्दाश्त न कर पाने के कारण, मैं उठी और कमरे से बाहर चली गई." 

उनकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है.

क्या है TCS नासिक मामला? 

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक BPO (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) यूनिट में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों के एक खास ग्रुप ने अपने साथ काम करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया. अब तक नौ FIR दर्ज की गई हैं, जिसमें एक FIR पुरुष कर्मचारी ने दर्ज कराई है. FIR में धार्मिक उत्पीड़न और धर्म बदलने की कोशिश का आरोप लगाया है.

शिकायतों में यौन उत्पीड़न, हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और खास धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करने से लेकर, मांसाहारी खाना खिलाने के लिए मजबूर करने तक के आरोप शामिल हैं. अब तक इस मामले में एक महिला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार सात पुरुष आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है.

ये भी पढ़ें: TCS यौन उत्पीड़न-धर्मांतरण केस: 3 और पीड़ित सामने आए, HR निदा खान के बारे में क्या पता चला?

पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी सीनियर पदों पर थे और उन्होंने अपने साथ काम करने वालों को परेशान करने के लिए अपने पदों का गलत इस्तेमाल किया. एक अधिकारी ने यह भी दावा किया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज कराने से रोका था और कथित तौर पर उससे कहा था कि ऐसी घटनाएं तो आम बात हैं.

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को ‘बहुत चिंताजनक और परेशान करने वाला’ बताया था. उन्होंने कहा कि सच का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक पूरी इंटरनल जांच चल रही है.

वीडियो: TCS नासिक केस में एक और पीड़त सामने आई, कंपनी के अंदर की कहानी सुनाई?

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