TCS नासिक धर्मांतरण केस में पीड़िता की आपबीती- 'मौलवियों के वीडियो दिखाए, मंदिर जाने से रोका'
TCS Nashik Case: टीसीएस नासिक धर्मांतरण मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. इसमें पीड़िताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं. एक पीड़िता का कहना है कि उन्हें जबरन इस्लामिक धर्मगुरुओं के वीडियो दिखाए जाते थे.

TCS नासिक यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में दायर चार्जशीट में कई बड़े खुलासे हुए हैं. पीड़ितों में से एक ने बताया कि उसे पाकिस्तानी इस्लामिक धर्मगुरु तारिक जमील और कट्टरपंथी जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए गए थे. ये वीडियो इसलिए दिखाए गए थे ताकि वह इस्लाम के बारे में जान सके. यह चार्जशीट पिछले हफ्ते नासिक की अदालत में दाखिल की गई थी.
चार्जशीट में क्या पता चला?न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चार्जशीट देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दानिश शेख, तौसिफ अत्तर और निदा खान के खिलाफ दर्ज केस से जुड़ी है. शिकायत करने वाली महिला का आरोप है कि शादीशुदा शेख ने शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया और हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों से दूर रहने के लिए उकसाया. चार्जशीट में कहा गया है कि शेख ने कथित तौर पर उससे कहा,
"डरो मत, मुझ पर भरोसा रखो, अल्लाह हमारे साथ है. भगवान के गाने सुनना और मंदिर जाना बंद कर दो. इससे तुम्हारा तनाव कम हो जाएगा."
आरोपी ने कथित तौर पर तस्बीह, इस्लामी प्रार्थनाओं के जरिए माफी मांगने की सलाह भी दी थी. पीड़िता का कहना है कि आरोपी बार-बार कहता था कि ऐसा करने पर उसकी बेचैनी कम होगी. शिकायतकर्ता ने बताया कि शेख ने सह-आरोपी तौसीफ अत्तार और निदा खान से उसे इस्लाम के बारे में जानकारी देने के लिए कहा था. चार्जशीट के मुताबिक, तौसीफ ने पीड़िता को यूट्यूब पर जाकिर नाइक और पाकिस्तानी इस्लामिक स्कॉलर डॉ. इसरार अहमद की स्पीच सुनने के लिए कहा था.
‘धीरे-धीरे मुझे यकीन होने लगा’
चार्जशीट में कहा गया है कि पीड़िता को जन्नत (स्वर्ग), जहन्नुम (नरक), कुर्बानी, बकरीद और जमजम के पानी जैसी इस्लामी मान्यताओं के बारे में भी बताया गया था. शिकायतकर्ता ने अपने बयान में कहा,
"मुझे यकीन हो गया था कि अगर मैं इस्लाम धर्म अपना लूं, तो मेरा मानसिक तनाव कम हो जाएगा. धीरे-धीरे मुझे उन बातों पर यकीन होने लगा."
चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि शेख के पास महिला के बैंक अकाउंट्स और UPI पिन की जानकारी थी. इसके अलावा, उसके बैंक अकाउंट्स में जमा पैसे के बारे में भी पता था.
चार्जशीट में आरोपी निदा खान को पनाह देने वाले मतीन माजिद पटेल के साथ AIMIM के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील का भी नाम आया हैं. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में उनको तलब नहीं किया है और न ही कोई नोटिस भेजा गया है. मामला सामने आने के बाद से ही निदा खान फरार थी. कथित तौर पर AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) से जुड़े मतीन माजिद पटेल ने उसे पनाह दी थी.
क्या है TCS नासिक मामला?टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक BPO (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) यूनिट में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों के एक खास ग्रुप ने अपने साथ काम करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया. अब तक नौ FIR दर्ज की गई हैं, जिसमें एक FIR पुरुष कर्मचारी ने दर्ज कराई है. FIR में धार्मिक उत्पीड़न और धर्म बदलने की कोशिश का आरोप लगाया है.
शिकायतों में यौन उत्पीड़न, हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और खास धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने के लिए मजबूर करने से लेकर, नॉनवेज खाने के लिए मजबूर करने तक के आरोप शामिल हैं. अब तक इस मामले में एक महिला समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार सात पुरुष आरोपियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और शाहरुख शेख के रूप में हुई है.
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पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी सीनियर पदों पर थे और उन्होंने अपने साथ काम करने वालों को परेशान करने के लिए अपने पदों का गलत इस्तेमाल किया. एक अधिकारी ने यह भी दावा किया कि निदा खान ने एक महिला कर्मचारी को शिकायत दर्ज कराने से रोका था और कथित तौर पर उससे कहा था कि ऐसी घटनाएं तो आम बात हैं.
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इन आरोपों को ‘बहुत चिंताजनक और परेशान करने वाला’ बताया था. उन्होंने कहा था कि सच का पता लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए एक पूरी इंटरनल जांच चल रही है.
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