The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • tamilnadu cm mk Stalin announces national literary awards after delay of Sahitya Akademi

2025 में साहित्य पुरस्कार नहीं मिले तो एमके स्टालिन खुद के पुरस्कार ले आए, लिस्ट में हिंदी नहीं

साल 2025 के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार रोके जाने के विरोध में तमिलनाडु सरकार ने साहित्यिक रचनाओं के लिए नए पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है. इस पुरस्कार में 5 लाख की धनराशि विजेता को दी जाएगी. 7 भाषा में ये पुरस्कार दिए जाएंगे. इसमें हिंदी शामिल नहीं है.

Advertisement
MK Stallin literary award
साहित्य अकादमी पुरस्कार रोके जाने पर स्टालिन ने केंद्र सरकार की आलोचना की (india today)
pic
राघवेंद्र शुक्ला
19 जनवरी 2026 (अपडेटेड: 19 जनवरी 2026, 11:50 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

विजेताओं का चयन हो जाने के बाद भी साल 2025 में साहित्य अकादमी पुरस्कार नहीं दिए गए. इसके जवाब में कहें या विरोध में, तमिलनाडु सरकार ने साहित्य के लिए नए पुरस्कार का ऐलान कर दिया. चेन्नई में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला होता है, जिसे राज्य सरकार आयोजित कराती है. इसी मेले के आखिरी दिन रविवार 18 जनवरी को सीएम एमके स्टालिन ने 7 भारतीय भाषाओं में 5 लाख नकद वाले नए पुरस्कार की घोषणा की. हालांकि, इन 7 भाषाओं में हिंदी शामिल नहीं है. 

साहित्य के लिए दिए जाने वाले इस पुरस्कार का ऐलान करते हुए स्टालिन ने केंद्र की मोदी सरकार पर राष्ट्रीय पुरस्कारों में दखल देने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि कला और साहित्य में राजनीतिक हस्तक्षेप का नतीजा खतरनाक हो सकता है. 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एमके स्टालिन ने जिस पुरस्कार का ऐलान किया है, उसका नाम ‘सेममोझी इलक्किया विरुधु’ (शास्त्रीय भाषा साहित्य पुरस्कार) है. पहले फेज में ये पुरस्कार 7 भारतीय भाषाओं तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, बंगाली और मराठी के लेखकों को दिया जाएगा. हर भाषा के विजेता लेखक को 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी. ये पुरस्कार तमिलनाडु सरकार की ओर से दिए जाएंगे और हर भाषा के विजेताओं के चयन के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन राज्य सरकार करेगी. 

एमके स्टालिन ने आश्वासन भी दिया कि इस पुरस्कार में पारदर्शिता और गुणवत्ता का खास ख्याल रखा जाएगा. हर भाषा के लिए साहित्य के जानकारों और अन्य प्रतिष्ठित सदस्यों वाली समिति बनाई जाएगी. स्टालिन ने ये भी बताया कि वो इस पुरस्कार की शुरुआत 2025 के साहित्य अकादमी पुरस्कारों को रोके जाने के संस्कृति मंत्रालय के फैसले के विरोध में कर रहे हैं. स्टालिन ने कहा,

Image embed

स्टालिन ने चेतावनी दी कि कला और साहित्य में राजनीतिक दखल खतरनाक साबित होता है.

बता दें कि 18 दिसंबर को साहित्य अकादमी पुरस्कार के विजेताओं के नाम का ऐलान किया जाना था. घोषणा से थोड़ी देर पहले संस्कृति मंत्रालय के एक सर्कुलर की वजह से प्रेस वार्ता कैंसिल हो गई. साहित्य अकादमी 24 भारतीय भाषाओं के लिए अपने पुरस्कारों की घोषणा करती है. सभी भाषाओं की ज्यूरी ने अपने-अपने विजेताओं का चयन भी कर लिया था लेकिन उनकी अंतिम घोषणा नहीं हो पाई.

वीडियो: BMC चुनावों में भाजपा को मिली जीत, फिर भी फडणवीस खुश क्यों नहीं?

Advertisement

Advertisement

()