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अडानी ग्रुप को तगड़ा झटका, तमिलनाडु सरकार ने स्मार्ट मीटर टेंडर रद्द कर दिया

Tamil Nadu Adani group smart meter tender: ये टेंडर चेन्नई, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू समेत आठ ज़िलों को कवर करेगी. इस अकेले पैकेज में पुनरोद्धार वितरण क्षेत्र योजना (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत 82 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर्स लगाए जाएंगे.

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1 जनवरी 2025 (अपडेटेड: 1 जनवरी 2025, 10:17 AM IST)
Tamil Nadu scraps smart meter tender Adani group pricing issues
तमिलनाडु सरकार की तरफ़ से स्मार्ट मीटर टेंडर को रद्द कर दिया गया. (फ़ाइल फ़ोटो - इंडिया टुडे)
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DMK की नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने स्मार्ट मीटर की ख़रीद के लिए उसके ग्लोबल टेंडर को रद्द कर दिया है. इस टेंडर के लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनी थी. लेकिन तमिलनाडु सरकार के तमिलनाडु उत्पादन एवं वितरण निगम (Tangedco) विभाग ने टेंडर ये कहते रद्द किया है कि AESL ने लागत ज़्यादा बताई थी (Tamil Nadu scraps smart meter tender).

ये टेंडर चेन्नई, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू समेत आठ ज़िलों को कवर करता और ये इस तरह के चार टेंडर पैकेजों में से एक था. इस पैकेज के लिए केंद्र सरकार 19,000 करोड़ रुपये फंड करने वाली थी. इस अकेले पैकेज में पुनरोद्धार वितरण क्षेत्र योजना (Revamped Distribution Sector Scheme) के तहत 82 लाख से ज़्यादा स्मार्ट मीटर्स लगाए जाने थे. इस योजना के तहत राज्य में सभी बिजली कनेक्शनों (कृषि कनेक्शनों को छोड़कर) के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की प्लानिंग थी.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, तमिलनाडु उत्पादन एवं वितरण निगम (Tangedco) के अधिकारियों का कहना है कि AESL ने टेंडर हासिल करने के लिए जो क़ीमतें बताई थीं, वो लागत को कम करने के लिए बातचीत के बावजूद स्वीकार किये जाने लायक नहीं थीं. Tangedco के सूत्रों ने बताया कि अगस्त 2023 में जारी सभी चार टेंडर प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिए गए हैं. इनमें बाक़ी ज़िलों को कवर करने वाले शेष तीन पैकेज भी शामिल हैं. सरकार जल्द ही फिर से टेंडर जारी करेगी.

बता दें, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड यानी AESL पहले से ही महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में इसी तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है. लेकिन वहां मीटर लगाने की दरें सस्ती हैं. ऐसे में Tangedco के सूत्रों ने इंडियन एक्स्प्रेस को बताया कि अडानी समूह की बोली अन्य जगहों पर लगाई गई 120 रुपये प्रति मीटर प्रति महीने की बोली से काफ़ी ज़्यादा थी.

ये भी पढ़ें - Adani-Wilmar से अलग होगा अडानी समूह, अपनी 44% हिस्सेदारी बेचेगा

वर्तमान में, तमिलनाडु 30 मिलियन से ज़्यादा स्मार्ट मीटर्स की स्वीकृत योजना के साथ पुनरोद्धार वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) में आगे रहा है. बताया जाता है कि स्मार्ट मीटर्स लगाए जाने से राज्य के कुल तकनीकी और वाणिज्यिक घाटे में 16% से 10% तक की कमी आ सकती है. साथ ही, बिलिंग दक्षता में बढ़ोतरी होगी और ज़्यादा प्रभावी टैरिफ योजना बनाने में भी मदद मिलेगी.

अमेरिका में अडानी ग्रुप पर रिश्वत देने के लगे आरोपों के लगभग एक महीने बाद एमके स्टालिन सरकार ने ये कदम उठाया है. हालांकि, अडानी समूह ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है. लेकिन इस घटनाक्रम के बाद विपक्षी INDIA ब्लॉक ने अडानी समूह पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं. DMK भी INDIA गठबंधन का एक प्रमुख घटक है. ऐसे में राजनीतिक हलकों में टेंडर रद्द किया जाना अडानी समूह पर लगे आरोपों के कारण भी माना जा रहा है.

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