The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Swami Avimukteshwaranand react on brajesh pathak respect to vedpathi batuk

'ये योगी आदित्यनाथ के गाल पर तमाचा', अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला, 11 मार्च को 'लखनऊ कूच'

Prayagraj माघ मेले में बटुकों की शिखा खींचे जाने का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Brajesh Pathak द्वारा 101 बटुकों का सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तंज कसा है. साथ ही उन्होंने न्याय की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ कूच करने की बात कही है.

Advertisement
pic
pic
आनंद कुमार
| समर्थ श्रीवास्तव
19 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 07:31 PM IST)
Swami Avimukteshwaranand yogi adityanath brajesh pathak
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक के बहाने योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है. (इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन यूपी पुलिस के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद वेदपाठी बटुकों की शिखा खींचने को लेकर विवाद हुआ था. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे 'पाप' बताते हुए अपने आवास पर 101 बटुकों का सम्मान किया. इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक के इस फैसले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाल पर 'तमाचा' बताया है.

आजतक से बातचीत में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,

 ब्रजेश पाठक समझदार आदमी हैं. कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी राजनीति प्रभावित नहीं हो. यह प्रायश्चित है कि नहीं इसका विश्लेषण नहीं है. लेकिन एक बात साफ है कि ये योगी आदित्यनाथ के गाल पर तमाचा है. हमारे नीचे का व्यक्ति हमारे खिलाफ जा रहा यानी मैं गलत हूं. उन्होंने आदित्यनाथ को बताया है कि महाराज आपने जो रास्ता पकड़ा है वो गलत है.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान पर तंज करते हुए कहा, 

दोनों डिप्टी सीएम के पास पावर नहीं है. सिर्फ बना कर रखा गया है. कम से कम बटुकों का सम्मान किया गया यह अच्छी बात है. लेकिन जिन बटुकों को मारा गया उनका तो नाम भी नहीं पता होगा डिप्टी सीएम को. क्या उनके ऐसा करने से शांति हो जाएगी? आप किसी को मारते हो और फिर उस पर फूल चढ़ाते हो, यह कैसे संभव है? दोनों डिप्टी सीएम को अगर गलती का एहसास है तो बनारस आएंगे, हमारे दरवाजे खुले हैं. 

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मर्यादा वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े पद पर बैठने से किसी को अन्याय करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया,

 सीएम सदन में खड़े होकर झूठ बोल रहे हैं. गेरुआ वस्त्र धारण करने के बावजूद शासन में सनातन धर्म के प्रतीकों और शिखा का अपमान किया जा रहा है और हनक दिखाई जा रही है.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया प्रायश्चित

दरअसल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 वेदपाठी बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनको माला पहनाई था और उनकी शिखा का सम्मान करके आशीर्वाद लिया था. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया कि बटुकों के साथ जो हुआ वो 'पाप' की श्रेणी में है. 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ब्रजेश पाठक ने बटुकों का सम्मान जरूरी किया है, लेकिन उनके अपमान को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने कहा, 

ब्रजेश पाठक दबाव में हैं और कालनेमि जैसी शक्तियों के साथ घिरे हुए हैं.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच के विवाद में सपा ने भी एंट्री कर ली है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने शंकराचार्य के अपमान को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 

अखिलेश और शिवपाल अगर हमारे पक्ष में बोल रहे हैं तो बीजेपी को मना किया है क्या बोलने के लिए? यह लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं?

11 मार्च को लखनऊ कूच का ऐलान

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कर दिया कि वे केवल बयानों और प्रतीकात्मक सम्मान से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने इसे सनातन धर्म के ध्वज (शिखा) पर प्रहार बताया है. शंकराचार्य ने आगे बताया कि न्याय की मांग को लेकर अपने समर्थकों और बटुकों के साथ 11 मार्च को वो लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे.

वीडियो: राजधानी: शंकराचार्य विवाद में ब्रजेश पाठक की एंट्री, जानें क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()