'ये योगी आदित्यनाथ के गाल पर तमाचा', अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला, 11 मार्च को 'लखनऊ कूच'
Prayagraj माघ मेले में बटुकों की शिखा खींचे जाने का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Brajesh Pathak द्वारा 101 बटुकों का सम्मान करने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तंज कसा है. साथ ही उन्होंने न्याय की मांग को लेकर 11 मार्च को लखनऊ कूच करने की बात कही है.

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन यूपी पुलिस के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद वेदपाठी बटुकों की शिखा खींचने को लेकर विवाद हुआ था. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इसे 'पाप' बताते हुए अपने आवास पर 101 बटुकों का सम्मान किया. इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक के इस फैसले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाल पर 'तमाचा' बताया है.
आजतक से बातचीत में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा,
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ब्रजेश पाठक द्वारा बटुकों के सम्मान पर तंज करते हुए कहा,
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मर्यादा वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बड़े पद पर बैठने से किसी को अन्याय करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया,
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया प्रायश्चित
दरअसल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने 101 वेदपाठी बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनको माला पहनाई था और उनकी शिखा का सम्मान करके आशीर्वाद लिया था. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया कि बटुकों के साथ जो हुआ वो 'पाप' की श्रेणी में है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ब्रजेश पाठक ने बटुकों का सम्मान जरूरी किया है, लेकिन उनके अपमान को लेकर कुछ नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने कहा,
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच के विवाद में सपा ने भी एंट्री कर ली है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने शंकराचार्य के अपमान को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
अखिलेश और शिवपाल अगर हमारे पक्ष में बोल रहे हैं तो बीजेपी को मना किया है क्या बोलने के लिए? यह लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं?
11 मार्च को लखनऊ कूच का ऐलान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ कर दिया कि वे केवल बयानों और प्रतीकात्मक सम्मान से संतुष्ट नहीं हैं. उन्होंने इसे सनातन धर्म के ध्वज (शिखा) पर प्रहार बताया है. शंकराचार्य ने आगे बताया कि न्याय की मांग को लेकर अपने समर्थकों और बटुकों के साथ 11 मार्च को वो लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे.
वीडियो: राजधानी: शंकराचार्य विवाद में ब्रजेश पाठक की एंट्री, जानें क्या कहा?

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