The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Supreme Court Stays Pawan Khera Bail Assam CM Himanta Biswa Sarma Wife Riniki Bhuyan Sarma

पवन खेड़ा की जमानत पर लगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'बेल के लिए असम के कोर्ट में जाओ'

Assam सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने दलील दी कि Pawan Khera की जमानत याचिका में ऐसा कुछ नहीं गया, जिससे साबित हो सके कि यह मामला तेलंगाना के क्षेत्राधिकार में आता है. पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे.

Advertisement
pic
pic
मौ. जिशान
| संजय शर्मा
15 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 15 अप्रैल 2026, 02:25 PM IST)
Pawan Khera, Himanta Biswa Sarma, Riniki Bhuyan Sharma, assam, telangana high court, pawan khera bail
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (सबसे बाएं) को तेलंगाना हाई कोर्ट से गिरफ्तारी से राहत मिली थी. (PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सर्वोच्च अदालत ने तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली उनकी जमानत पर रोक लगा दी है, जिससे अब असम पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि खेड़ा गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए असम की अदालत का रुख कर सकते हैं. पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद रिंकी ने उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई थी.

FIR होने पर पवन खेड़ा तेलंगाना चले गए थे. असम पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटाया. तेलंगाना हाई कोर्ट के जस्टिस के सुजाना ने उन्हें सही कोर्ट में जाने के लिए 7 दिन की ट्रांजिट एंटिसिपेटरी बेल दे दी. असम पुलिस इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची और पवन खेड़ा की जमानत का विरोध किया.

बुधवार, 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर ने पवन खेड़ा की जमानत पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया. इस मामले में कोर्ट ने कांग्रेस नेता को नोटिस भी जारी किया है.

इंडिया टुडे से जुड़ीं अनीषा माथुर और संजय शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उसका ऑर्डर खेड़ा को असम की किसी सही कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल मांगने से नहीं रोकेगा. बेंच ने कहा,

"अगर याचिकाकर्ता असम के क्षेत्राधिकार वाले कोर्ट में एंटीसिपेटरी बेल के लिए अप्लाई करता है, तो आज पास हुए ऑर्डर का कोई उल्टा असर नहीं होगा."

असम सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने दलील दी कि पवन खेड़ा की जमानत याचिका में ऐसा कुछ नहीं गया, जिससे साबित हो सके कि यह मामला तेलंगाना के क्षेत्राधिकार में आता है.

जस्टिस माहेश्वरी ने देखा कि सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा के जमा नोट में कहा गया कि उनकी पत्नी हैदराबाद (तेलंगाना) में रहती हैं. इस पर तुषार मेहता ने कहा कि आधार कार्ड में उनकी पत्नी का पता दिल्ली का है. उन्होंने कहा,

"अगर ऐसा है, तो कोई भी व्यक्ति पूरे देश में प्रॉपर्टी खरीद सकता है, और अपनी पसंद की जगहों से एंटीसिपेटरी बेल ले सकता है..."

उन्होंने आगे कहा कि प्रिया इंदौरिया मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के तरीकों को गलत बताया था. सर्वोच्च अदालत ने पवन खेड़ा के रुख पर नाराजगी जताई और इसे प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया.

यह भी पढ़ें: 'पवन खेड़ा को पेड़ा बना दूंगा', CM हिमंता की पत्नी पर लगाए आरोप, अब पीछे पड़ी असम पुलिस

लीगल वेबसाइट लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस माहेश्वरी ने कहा, "हम (हाई कोर्ट के ऑर्डर से) हैरान हैं." उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत का समय बढ़ाने की भी मांग की है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी.

रिंकी भुइयां पर कई पासपोर्ट रखने का आरोप

5 अप्रैल को पवन खेड़ा ने असम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट थे और उनके पास विदेश में संपत्ति थी, जिसका खुलासा मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया था. इन आरोपों पर रिंकी ने खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है.

वीडियो: चुनाव यात्रा: राहुल गांधी की रैली में आए लोग भाजपा के बारे में क्या बोल गए?

Advertisement

Advertisement

()