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बिहार चुनाव में गड़बड़ी का दावा किया, CJI सूर्यकांत ने इनकम टैक्स का हिसाब मांग लिया

Supreme Court Bihar PIL: सुप्रीम कोर्ट में बिहार चुनाव में हुई गड़बड़ी से जुड़ी एक याचिका दायर की गई थी. इस मामले में अब कोर्ट ने सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से ही इनकम टैक्स का हिसाब मांग लिया. शख्स ने 4 दिसंबर में पीआईएल फाइल की थी.

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Supreme Court Bihar PIL
सुप्रीम कोर्ट में बिहार चुनाव से जुड़ी याचिका दायर की गई थी (फोटो-इंडिया टुडे)
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रितिका
15 जनवरी 2026 (Updated: 15 जनवरी 2026, 10:54 PM IST)
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Supreme Court Bihar PIL: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार चुनाव से जुड़ी एक जनहित याचिका (PIL) दायर करने वाले शख्स से इनकम टैक्स का हिसाब मांग लिया. सोशल एक्टिविस्ट साबू स्टीफन ने 4 दिसंबर 2025 को कोर्ट में रिट पिटीशन दी थी. उन्होंने दावा किया था कि बिहार चुनाव में ‘गड़बड़ी’ हुई है और उसकी सही से जांच की जानी चाहिए. उन्होंने अपनी पिटीशन में ये भी मांग की थी कि चुनाव के नतीजे अभी कैंसिल कर देने चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने साबू स्टीफन की इस याचिका को खारिज कर दिया. लेकिन CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच साबू को यूं ही जाने देने के मूड में नहीं थी. बेंच की टिप्पणी से लगा कि वो जानना चाहती है कि याचिकाकर्ता बार-बार याचिका कैसे दायर कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने खुद कहा,

“अगर आप यूं ही बेतुकी याचिकाएं दायर करने की कला में माहिर हैं, फिर तो हमें ये भी पता होना चाहिए कि जुर्माना लगाने पर आप कितना पेमेंट कर सकते हैं. ये सब सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए किया जा रहा है.”

इसके बाद CJI ने याचिकाकर्ता पर किसी भी जुर्माने को लगाने से पहले उनका पिछले 5 सालों का इनकम टैक्स रिटर्न का रिकॉर्ड मांग लिया. उन्होंने साबू स्टीफन को निर्देश दिया कि वो कोर्ट में अपना ITR प्रोफाइल लेकर आएं. साथ ही एक हलफनामे में अपने इनकम सोर्स भी बताएं. 

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फोटो-सुप्रीम कोर्ट
क्या है पूरा मामला?

पिछले 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए, जिसके बाद फिर EVM, चुनाव में गड़बड़ी की बात उठी. मामला कोर्ट तक भी पहुंचा. साबू स्टीफन ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की. इसमें उन्होंने बिहार इलेक्शन में हुई कुछ कथित गड़बड़ी के मामलों को प्रमुखता से उठाया.

1. याचिकाकर्ता ने मांग की कि जब तक बिहार चुनाव की सही से जांच नहीं हो जाती, तब तक उनके नतीजों को कैंसिल या सस्पेंड करना चाहिए.

2. याचिका में कोर्ट से मांग की गई कि फर्स्ट रिस्पॉन्डेंट (इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया) को ऑर्डर दिया जाए कि वे फॉर्म 20 पब्लिक करे. फॉर्म 20 फाइनल वोट का ऑफिशियल दस्तावेज है.

3. एक हाई लेवल ज्यूडिशियल कमीशन बनाया जाए, जिसके हेड सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज हों. ये कमीशन ANNEXURE P-2 और ANNEXURE P-4 प्रेस नोट के मुताबिक, वोटर्स के नंबर में गड़बड़ी, फर्जी वोटिंग, अधिकारियों की मिलीभगत, EVM टेम्परिंग आदि की सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समयसीमा में जांच करे.

4. जो भी ऑफिशियल, नेता या कोई अन्य व्यक्ति कथित चुनावी हेराफेरी में शामिल हुआ, उसके खिलाफ केस चलाने की मांग की. इसके अलावा, CBI या SIT इन्वेस्टीगेशन की भी डिमांड की.

5.  चुनाव परिणामों को सस्पेंड क तुरंत सरकार बनने पर रोक लगे.

साबू स्टीफन एक ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट हैं. उनका जन्म केरल के तिरुवनंतपुरम में 1973 में हुआ था. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में साउथ इंडिया में देवदासी प्रथा को हटाने के लिए याचिका दायर की थी. वे गोमांस पर बैन के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं. इसके अलावा आवारा कुत्तों को समस्या बताए जाने के खिलाफ भी याचिका लगा चुके हैं.

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