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बंगाल SIR की डेट आगे बढ़ी, SC ने चुनाव आयोग के माइक्रो-ऑब्जर्वर की 'हद' बता दी

Supreme Court SIR: सुप्रीम कोर्ट ने West Bengal के DGP को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. DGP को SIR के काम में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ हिंसा से जुड़ीं ECI की चिंताओं पर जवाब देना होगा.

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SIR पर पिछली सुनवाई में खुद CM ममता बनर्जी (दाएं) सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई थीं. (ITG/WB CEO/PTI)
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श्रेया चटर्जी
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9 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 06:53 PM IST)
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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की डेट बढ़ाने का आदेश दिया है. भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के तय शेड्यूल के तहत 14 फरवरी को पश्चिम बंगाल की फाइनल लिस्ट आनी थी. सोमवार, 9 फरवरी को सर्वोच्च अदालत ने इसकी डेट एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी. अब 14 फरवरी के एक हफ्ते बाद अंतिम मतदाता सूची जारी होगी.

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने राज्यों को भी कड़ा मैसेज दिया है. कोर्ट ने राज्यों को SIR प्रोसेस को पूरा करने में कोई भी 'रुकावट' पैदा ना करने की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस प्रोसेस में आने वाली असल मुश्किलों को दूर किया जाएगा. इंडिया टुडे से जुड़ीं श्रेया चटर्जी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने बंगाल SIR में आवेदनों की जांच पूरी करने और डेटा को फाइनल करने के लिए डेडलाइन को एक हफ्ते बढ़ाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के बंगाल में भेजे गए माइक्रो-ऑब्जर्वर की हद बता दी है. कोर्ट ने साफ कहा कि माइक्रो-ऑब्जर्वर के पास SIR से जुड़े मामलों में फैसला लेने का अधिकार नहीं है. यह अधिकार केवल इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) के पास है.

कोर्ट ने कहा कि दावे और आपत्ति पर फाइनल ऑर्डर केवल ERO दे सकते हैं. माइक्रो-ऑब्जर्वर का काम केवल इस प्रक्रिया में ERO की मदद करना है. इसके अलावा सर्वोच्च अदालत ने पश्चिम बंगाल के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. DGP (कार्यवाहक) पीयूष पांडेय को SIR के काम में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ हिंसा से जुड़ीं चुनाव आयोग की चिंताओं पर जवाब देना होगा.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 8550 ग्रुप B अधिकारियों की एक लिस्ट सौंपी है. इन्हें चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया में शामिल करेगा, क्योंकि आयोग ने आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में अधिकारी उपलब्ध नहीं कराए.

कोर्ट ने कहा कि इन 8550 ग्रुप B अधिकारियों को 10 फरवरी को शाम 5 बजे तक जिला कलेक्टर/ERO को रिपोर्ट करना होगा. चुनाव आयोग को आजादी रहेगी वो इन अधिकारियों और पहले से मौजूद अधिकारियों का SIR प्रक्रिया में किस तरह इस्तेमाल करता है.

यह मामला पश्चिम बंगाल में SIR अभ्यास को चुनौती देने वाली याचिकाओं से जुड़ा है. पिछली सुनवाई में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी याचिका पर बहस करने के लिए खुद पेश हुई थीं.

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