धर्म परिवर्तन पर बैन लगाने की मांग हुई, तो सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- 'कौन तय करेगा यह धोखाधड़ी है?'
एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि उनकी याचिका लालच और छल-कपट के जरिए धर्म परिवर्तन के खिलाफ है. भारत के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि कोर्ट कानूनों की संवैधानिकता की जांच करने के लिए बैठता है, न कि कानून बनाने के लिए. कोर्ट ने और क्या कहा?
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सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है. (फोटो: आजतक)
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वीडियो: अलवर के हॉस्टल में चल रहा था धर्म परिवर्तन का रैकट, पुलिस ने क्या बताया?

