The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • SP leader Moid Khan acquitted in minor rape case CM Yogi Adityanath said found in gangrape bulldozer action

सपा नेता मोईद खान रेप के आरोप से बरी, यूपी सरकार ने बेकरी बुलडोजर से तोड़ दी थी

Ayodhya Rape Case: Moid Khan के बरी होने से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं है. उसने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाने की बात कही है. 2024 में यह मामला तब खुला जब पता चला कि 12 साल की नाबालिग बच्ची दो महीने की प्रेग्नेंट थी.

Advertisement
Moid Khan Rape Case, Ayodhya, Ayodhya News, Moid Khan, Moeed Khan, Ayodhya Hindi News, Ayodhya Bhadarsa Gangrape Case, SP leader Moid Khan, Court verdict in Bhadarsa, bulldozer, bulldozer action
सपा नेता मोईद खान की बेकरी पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया था. (LT)
pic
मयंक शुक्ला
font-size
Small
Medium
Large
28 जनवरी 2026 (अपडेटेड: 28 जनवरी 2026, 11:32 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से रेप के मामले में बरी कर दिया है. बुधवार, 28 जनवरी को अयोध्या के POCSO कोर्ट ने मोईद को दोषमुक्त करार दिया, जबकि अन्य आरोपी राजू खान को दोषी माना. गुरुवार, 29 जनवरी को अदालत राजू को सजा सुनाएगी. DNA टेस्ट नेगेटिव आने के कारण मोईद को बाइज्जत बरी करार किया गया है.

POCSO फर्स्ट कोर्ट की स्पेशल जज निरुपमा विक्रम ने चर्चित भदरसा गैंगरेप मामले यह फैसला सुनाया है. इस मामले में 14 जनवरी को आखिरी सुनवाई हुई थी. तब कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 29 जुलाई 2024 को मोईद खान और उनकी बेकरी में काम करने वाले राजू खान के खिलाफ नाबालिग लड़की से गैंगरेप के आरोप में FIR दर्ज की गई थी.

मोईद खान कैसे बरी हुए?

मामले की सच्चाई जानने के लिए DNA टेस्ट किया गया. इंडिया टुडे से जुड़े मयंक शुक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच रिपोर्ट में मोईद खान का DNA नेगेटिव आया. उनका DNA मैच नहीं हुआ. जांच में राजू खान का DNA पॉजिटिव आया. इसके अलावा अन्य सबूतों को भी जांचा गया, जिसके बाद कोर्ट ने मोईद खान को बरी कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने राजू के खिलाफ आरोप सही पाए और उसे दोषी करार दिया.

घटना के दौरान पीड़ित पक्ष ने वीडियो बनाए जाने का भी दावा किया था, लेकिन कोई वीडियो साक्ष्य अदालत में पेश नहीं किया गया. पुलिस जांच में घटनास्थल को लेकर भी गंभीर विरोधाभास सामने आए. कभी बेकरी के बाहर पेड़ के नीचे, तो कभी बेकरी के अंदर घटना का होना बताया गया. अदालत में पीड़िता की मां ने स्वीकार किया कि मुकदमा राजनीतिक दबाव में दर्ज कराया गया था.

मोईद खान के वकील सईद खान ने कहा कि अदालत ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय देते हुए उनके मुवक्किल को बाइज्जत बरी किया है. उन्होंने कहा कि शुरू से ही जांच में विरोधाभास सामने आते रहे, जो आखिरकार अदालत के सामने साफ हो गए. पीड़िता के समर्थन में 13 गवाह पेश हुए थे. 

मोईद खान के बरी होने से पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं है. विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.

2024 में यह मामला तब खुला जब पता चला कि 12 साल की नाबालिग बच्ची दो महीने की प्रेग्नेंट थी. 29 जुलाई 2024 को अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने मोईद और राजू दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

मोईद खान बरी हुए तो समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पलटवार किया. सपा के मीडिया सेल ने X पर लिखा,

"अयोध्या रेप केस जिसमें मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी ने सरेआम मोईद खान को जिम्मेदार ठहराया था और बेकरी पर बुलडोजर एवं सपा पर इल्जाम लगाए थे वो मोईद खान न्यायालय द्वारा बाइज्जत बरी हो गए हैं.

क्या इनके नुकसान की भरपाई, इनकी गई इज्जत की भरपाई, सपा की बदनामी की भरपाई, अपने कुकर्मों पर माफी मांगेंगे भाजपाई सत्ताधीश और मुख्यमंत्री महोदय एवं भाजपा के दो कौड़ी के आईटी सेल वाले या भाजपा के लोग?

भाजपा का दोगला चाल-चरित्र चेहरा धीरे-धीरे सबके सामने आता जा रहा है, नींद उड़ चुकी है इन भाजपाइयों की, जमीन नीचे से खिसक चुकी है, जो भाजपा के कट्टर समर्थक भी थे वो भी अभी भाजपा को पानी पी-पी कर गुलदस्ते भेज रहे हैं, विश्वास ना हो तो मुख्यमंत्री और अन्य भाजपा नेताओं को अपना कॉमेंटबॉक्स चेक कर लेना चाहिए."

moid khan
सपा के मीडिया सेल का पोस्ट. (X @mediacellsp)

दरअसल यह मामला उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी गूंजा था. तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा था,

"मोइन (मोईद) खान जो समाजवादी पार्टी का नेता है. अयोध्या के सांसद की टीम का सदस्य है. 12 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के कृत्य में शामिल पाया गया. अभी तक समाजवादी पार्टी ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की है."

योगी सरकार ने मोईद खान पर कड़ा एक्शन लिया था. उनकी बेकरी को अवैध करार देते हुए बुलडोजर चला दिया गया था. हालांकि, उस दौरान सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मामले में DNA टेस्ट की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि कोर्ट स्वत: संज्ञान लेते हुए पीड़िता की हर संभव सुरक्षित कराए.

वीडियो: CM योगी के समर्थन में GST उप आयुक्त ने इस्तीफा दिया, भाई ने पोल खोल दी

Advertisement

Advertisement

()