'आंदोलन करना है तो...', सोनम वांगचुक ने 6 जून के प्रोटेस्ट में शामिल होने की शर्त बताई
सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आहुत 6 जून के आंदोलन में शामिल होने की शर्तें बताई हैं. उनका कहना है कि ये आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और मोहब्बत से भरा होगा. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को जेल जाने और बल प्रयोग का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 6 जून को नीट पेपर लीक और CBSE परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर प्रोटेस्ट आहुत किया है. एनवायरमेंटलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 2 जून को इसमें शामिल होने की सहमति दी थी. अब आज यानी 3 जून को उन्होंने इस आंदोलन में शामिल होने की शर्त बताई है. उनके मुताबिक आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को जेल जाने के लिए तैयार रहना होगा.
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में उन्होंने बताया कि अगर 5 जून तक CJP की मांगों पर कोई एक्शन नहीं होता है तो 6 जून को वे अभिजीत दिपके के साथ दिल्ली हवाई अड्डे पर लोगों के साथ मिलेंगें. अभिजीत दिपके ने CJP की मुहिम का समर्थन कर रहे लोगों से 6 जून की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर आने की अपील की है.
सोनम वांगचुक ने वीडियो में आगे CJP के आंदोलन में शामिल होने की शर्तें बताई हैं. उन्होंने कहा,
मेरे इस आंदोलन में शामिल होने की एक शर्त है, शर्त ये है कि पूरा आंदोलन बेहद प्यार मोहब्बत और शांति से हो. दूसरी तरफ चाहे जितनी भी बड़ी ताकत हो, हथियार हो, लेकिन हमारा सबसे बड़ा बल होगा सत्याग्रह और शांति. जोकि गांधीजी ने हमें सिखाया था. ये वो ताकत है जिसके आगे ब्रिटिश साम्राज्य को भी झुकना पड़ा था.
'जेल जाने के लिए तैयार रहें'
सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से जेल जाने और बल प्रयोग का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. उन्होंने कहा,
इस आंदोलन में बल प्रयोग भी हो सकता है, मगर दूसरी तरफ से. हमारी तरफ से नहीं. हमें जेल भी जाना पड़ सकता है. लेकिन इसमें बड़ी बात क्या है?
इसके बाद सोनम वांगचुक ने अभिजीत दिपके का बयान पढ़ कर बताया. इसमें दिपके ने कहा था कि भारत आते ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है, लेकिन वे फिर भी आएंगे, क्योंकि प्रदर्शन करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. इसके आगे सोनम वांगचुक ने जेल जाने को लेकर अपना एक पुराना बयान सुनाया.
दरअसल लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाने के बाद सोनम वांगचुक को पिछले साल 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था. छह महीने बाद जेल से बाहर आकर उन्होंने लोगों को सलाह दी थी,
एक बार जेल सबको जाना चाहिए. ये एक अलग तरह का अनुभव है. जिंदगी में एक बार जेल जरूर जाइए. चोरी के लिए नहीं, झगड़ों के लिए नहीं, किसी मकसद के लिए. किसी की रक्षा के लिए जेल जरूर जाइए. जब लोग जेल जाने से नहीं डरेंगे तो हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होगा.
वीडियो के आखिर में सोनम वांगचुक ने बताया,
ये आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा और एक मिसाल बनेगा दुनिया के लिए हम रखेंगे कि भारत सच में विश्वगुरु है परिवर्तन के लिए.
सोनम वांगचुक शुरुआत से ही कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने खुद को ‘ऑनरेरी कॉकरोच’ बताया था. सोनम ने सरकार से कहा था कि युवाओं की आवाज को दबाए जाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए.
वीडियो: लद्दाख के उप राज्यपाल ने सोनम वांगचुक को चाय पर बुलाकर क्या धमकी दी?

