इंदौर जैसी आफत राजधानी भोपाल में आई तो कौन बचाएगा? SCADA का एक चरण तक पूरा नहीं
साल 2017 के आसपास मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जब स्मार्ट सिटी बनाया जा रहा था, तब ऐसी व्यवस्था लाने की कोशिश की गई थी कि लोगों को पीने के लिए जो पानी पहुंचाया जाता है, उसकी सुरक्षा मजबूत रहे. यानी पाइपलाइन में लीकेज हो तो तत्काल पता चल जाए. ताकि उससे तुरंत अलर्ट होकर सिस्टम को दुरुस्त किया जा सके.
Advertisement
.webp?width=210)
भोपाल में 10 साल पहले आया था वाटर सप्लाई की सुरक्षा वाला सिस्टम (india today)
Story Summary
वीडियो: BJP नेता पूजा मोरे ने पुणे निकाय चुनाव से नाम लिया वापस, वीडियो बनी वजह

