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बिहार में SIR वाला 'सफाई अभियान' जारी, 5 लाख से ज्यादा राशन कार्ड 'डिलीट'

Bihar Government के डेटा के मुताबिक बिहार में कुल 1.79 करोड़ Ration Card जारी हुए थे. इनमें से 5 लाख 57 हजार 278 नामों को डिलीट कर दिया गया है. नाम डिलीट होने के लिए मृत्यु, जरूरी KYC का न होना, कमाई का पैमाना जैसे कारण बताए गए हैं.

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31 मई 2026 (पब्लिश्ड: 09:12 PM IST)
sir effect over 5 lakh names from ration card deleted in bihar
बिहार में SIR के आधार पर कई लोगों का राशन कार्ड रद्द हो गया है (PHOTO-X)
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बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद राशन कार्ड धारकों की लिस्ट से 3 फीसदी लोगों का नाम कट गया. SIR की लिस्ट से उनका नाम मैच नहीं हुआ, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई. मामले पर बिहार खाद्य और उपभोक्ता मंत्री अशोक चौधरी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात की. उन्होंने कहा कि 97.56 प्रतिशत प्रोसेस पूरा किया जा चुका है. कुल 8 लाख 19 हजार 888 राशन कार्ड्स को फ्लैग किया गया था. जांच के बाद इनमें से 5 लाख 57 हजार 278 को डिलीट कर दिया गया, जबकि 2 लाख 59 हजार 197 को वापस रिटेन किया गया है.

राज्य सरकार के डेटा के मुताबिक, बिहार में कुल 1.79 करोड़ राशन कार्ड जारी हुए थे. इनमें से 5 लाख 57 हजार 278 नामों को डिलीट कर दिया गया है. नाम डिलीट होने के लिए मृत्यु, जरूरी KYC का न होना, कमाई का पैमाना जैसे कारण बताए गए हैं. कुल मिलाकर देखें तो बिहार में हुए SIR में जितने भी नाम डिलीट हुए, उनमें से 99% नामों के डिलीट होने का कारण मृत्यु, पलायन और डुप्लीकेट नाम थे. बिहार में SIR के दौरान कुल 68 लाख नाम डिलीट हुए थे. SIR की शुरुआत भी बिहार से ही हुई थी.

एक्सप्रेस की रिपोर्ट कहती है कि बिहार के सभी 38 जिलों के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) उन लोगों की लिस्ट लगाएंगे जिनके राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं. इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है. BJP के नेतृत्व में चल रही बिहार सरकार इसे सरकारी योजनाओं में एक सफाई अभियान बता रही है. उनके मुताबिक अब सिर्फ योग्य लोगों को ही राशन कार्ड दिए जाएंगे. इसीलिए SIR को आधार बनाकर अयोग्य लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं. फिलहाल बीजेपी सरकार का यह अभियान सिर्फ राशन कार्ड धारकों तक ही सीमित है. लेकिन आने वाले समय में दूसरी योजनाओं में भी SIR को आधार बनाकर छंटनी की जा सकती है.

एक SDM ने एक्सप्रेस को बताया कि उनके पास SIR का डेटा है. उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास उन लोगों की भी लिस्ट है जिनकी इनकम ज्यादा है फिर भी वो राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं. 'इन लोगों के नाम भी लिस्ट से हटाए जाने हैं. 

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को सही मानते हुए क्या आदेश दिया?

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