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NEET पेपर लीक का असली खिलाड़ी शिवराज मोटेगांवकर? क्या है इस शिक्षा माफिया की कहानी?

मोटेगांवकर ने घर-घर साइकिल से जाकर पढ़ाने की शुरुआत की. फिर एक किराए की जगह पर 10 छात्रों के साथ कोचिंग क्लास शुरू की. साल 2003 में उसने रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज शुरू की. बाद में आरसीसी फ्रेंचाइजी के तौर पर इसका विस्तार किया. आरसीसी की मराठवाड़ा, पुणे, नासिक, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर और दूसरे शहरों में भी ब्रांच हैं.

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18 मई 2026 (पब्लिश्ड: 11:43 PM IST)
Shivraj maotegaonkar arrest in neet paper leak case
शिवराज मोटेगांवकर को CBI ने पुणे से गिरफ्तार किया है. (इंडिया टुडे)
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केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने पुणे से रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी के बाद मोटेगांवकर को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उसे नौ दिनों के लिए CBI की हिरासत में भेज दिया है. केमिस्ट्री के प्रोफेसर के तौर पर चर्चित मोटेगांवकर ने लातूर में नीट और जेईई परीक्षा की तैयारी की फील्ड में अपनी अलग पहचान बनाई है. मोटेगांवकर RCC के डायरेक्टर के साथ-साथ संस्थापक भी है.

इस संस्थान की शुरुआत साल 2003 में हुई थी. तब RCC महाराष्ट्र होटल मैनेजमेंट कॉमन एंट्रेस टेस्ट (एमएच-सीईटी) की तैयारी कराता था. आरसीसी की ऑफिसियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, शिवराज मोटेगांवकर ने फिजिक्स में एमएससी किया है. एमएससी में उसको गोल्ड मेडल मिलने का जिक्र है. हालांकि वेबसाइट पर यूनिवर्सिटी का नाम नहीं बताया गया है.

इस संस्थान का दावा है कि उसके छात्रों ने सेट/नेट जेआरएफ, गेट, बार्क, डीआरडीओ और टीआईएफआर जैसी नेशनल लेवल के एग्जाम क्लियर किए हैं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोटेगांवकर ने घर-घर साइकिल से जाकर पढ़ाने की शुरुआत की. फिर एक किराए की जगह पर 10 छात्रों के साथ कोचिंग क्लास शुरू की. साल 2003 में उसने रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज शुरू की. बाद में आरसीसी फ्रेंचाइजी के तौर पर इसका विस्तार किया. आरसीसी की मराठवाड़ा, पुणे, नासिक, नांदेड़, छत्रपति संभाजीनगर और दूसरे शहरों में भी ब्रांच हैं.

आरसीसी की वेबसाइट बताती है कि संस्था ने मेडिकल और इंजीनियरिंग एंट्रेस में हजारों छात्रों को रास्ता दिखाया है. आरसीसी ने आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों को स्कॉलरशिप देने का भी दावा कर रखा है. मोटेगांवकर सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है. वो इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए छात्रों से चैट करता है. साथ ही वो एग्जाम, पढ़ाई के तरीकों और करियर गाइडेंस से जुड़े वीडियो और पोस्ट रेगुलर तौर पर शेयर करता रहता है.

लातूर में 11वीं और 12वीं के छात्रों के बीच नीट और जेईई की तैयारी के लिए आरसीसी का क्रेज है. यहां 11वीं के छात्रों से करीब 40 हजार रुपये और 12वीं के छात्रों से 50 हजार रुपये सालाना फीस ली जाती है. परीक्षा से पहले दिए जाने वाले गेस पेपर और मॉक टेस्ट की वजह से आरसीसी काफी तेजी से लोकप्रिय हुआ है.

नीट यूजी 2026 परीक्षा के बाद मोटेगांवकर ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था. वीडियो में उसने दावा किया था कि परीक्षा में 42 सवाल उसके दिए गेस पेपर से आए थे. 

पेपर लीक होने की जानकारी के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई. इसके बाद शिवराज मोटेगांवकर ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया. इसमें उसने बच्चों से परीक्षा रद्द होने से परेशान नहीं होने की बात की. उसने ये भी आश्वासन दिया कि आरसीसी इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त में फिर से ऑनलाइन क्लास शुरू करेगा. 

सीबीआई ने अरेस्ट मेमो में मोटगांवकर की गिरफ्तारी का कारण बताया है. इसमें कहा गया है कि जांच के मुताबिक, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर एक संगठित गिरोह का एक्टिव मेंबर है, जो नीट यूजी एग्जाम में पेपर लीक करने और बांटने के अपराध में शामिल है.

वीडियो: नीट मामले में मास्टरमाइंड को सीबीआई ने गिरफ्तार किया

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