मुस्तफिजुर रहमान की IPL से छुट्टी, लिटन दास-सौम्य सरकार पर थरूर ने BCCI से क्या पूछ लिया?
Shashi Tharoor का मानना है कि Bangladesh में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का बोझ क्रिकेट पर नहीं डालना चाहिए. उन्होंने IPL से Mustafizur Rahman को बाहर करने पर BCCI के फैसले की निंदा की.

शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने मुस्तफिजुर रहमान को खरीद क्या लिया, बवाल मच गया. बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले की खबरों के बीच IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी रहमान की मौजूदगी पर सवाल उठने लगे. ऐसे में बीसीसीआई को इस पर कड़ा फैसला लेना पड़ा. उसने केकेआर से रहमान को रिलीज करने के लिए कह दिया. शाहरुख खान की टीम ने भी बीसीसीआई की बात मानते हुए मुस्तफिजुर रहमान को केकेआर से विदा कर लिया. अब इस पूरी कवायद पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आपत्ति जताई है. उन्होंने सवाल किया कि ऐसा करके आखिर किसे सजा दी जा रही है?
शशि थरूर ने कहा कि अगर मुस्तफिजुर रहमान की जगह बांग्लादेश के ही लिटन दास या सौम्य सरकार IPL खेलने आते तो BCCI का क्या रुख होता? थरूर ने यह सवाल इसलिए किया, क्योंकि दास और सरकार दोनों बांग्लादेशी हिंदू क्रिकेटर हैं, जबकि रहमान बांग्लादेशी मुस्लिम क्रिकेटर हैं. तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने 'खेल' में 'राजनीति' घुसाने का कड़ा विरोध किया और 3 जनवरी 2026 को X पर लिखा,
दुख की बात है कि BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान के साथ करार खत्म कर दिया है. इस विषय पर अपने विचारों को याद कर रहा हूं. क्या होता अगर वह बांग्लादेशी खिलाड़ी लिटन दास या सौम्य सरकार होते? हम यहां किसे सजा दे रहे हैं? एक देश को, एक व्यक्ति को या उसके धर्म को? 'खेल' का यह बिना सोचे-समझे 'राजनीतीकरण' हमें कहां ले जाएगा?

हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और तेलंगाना सरकार में मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने BCCI का बचाव किया है. उन्होंने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के फैसले का समर्थन किया और कहा,
BCCI ने कुछ भी गलत नहीं किया है. बांग्लादेश में जो हो रहा है, वो अच्छा नहीं है. लेकिन खेल में यह अलग होता है. हालांकि, BCCI ने जो भी फैसला लिया है, वो उन्होंने मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के लोगों से बात करने के बाद ही लिया होगा."
मुस्तफिजुर रहमान को दिसंबर 2025 में IPL 2026 के मिनी-ऑक्शन में KKR ने 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था. हालांकि, बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों की खबरों के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने रहमान को KKR टीम से हटाने की मांग की. इस मामले में शशि थरूर ने पहले भी अपनी राय रखी थी. 2 जनवरी 2026 को उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का बोझ क्रिकेट पर नहीं डालना चाहिए.
थरूर ने जोर देकर कहा था कि भारत को अपने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ढाका पर दबाव बनाना जारी रखना चाहिए, लेकिन रहमान का ‘इन घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं था.’ उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था,
"उन (मुस्तफिजुर रहमान) पर हेट स्पीच, हमलों या ऐसे कामों को बढ़ावा देने का आरोप नहीं लगा है. वे एक खिलाड़ी हैं और दोनों (खेल और राजनीति) को मिलाना बिल्कुल भी सही नहीं है."
थरूर ने आगे कहा था कि स्पोर्ट्स बॉयकॉट के जरिए पड़ोसी देशों को अलग-थलग करने से कोई भी अच्छा मकसद पूरा नहीं होगा.
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