शशि थरूर ने गौतम गंभीर की तारीफ में जो कहा, कांग्रेस को तो बिल्कुल पसंद नहीं आएगा!
शशि थरूर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की हार के बाद आलोचनाओं से घिरे गंभीर को लेकर अपना समर्थन भी जताया.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने बुधवार, 21 जनवरी को नागपुर में भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर से मिले. मिलने के बाद उन्होंने गंभीर के साथ फोटो खिंचाई. फोटो खिंचाने के बाद उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया. पोस्ट में गौतम गंभीर की तारीफ भी की. लेकिन खबर ये नहीं है. खबर ये है कि शशि थरूर की पोस्ट में गंभीर की तारीफ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ ‘एक पर एक फ्री’ की तरह आई थी. कांग्रेस सांसद थरूर तो पहले भी भाजपा और पीएम मोदी की तारीफ करने पर अपनी ही पार्टी में घेरे जाते रहे हैं.
इस बार उन्होंने डायरेक्ट पीएम मोदी को कुछ नहीं कहा है. उनका नाम भी नहीं लिया है लेकिन जो भी कहा है उससे यही मतलब निकलता है कि इस समय देश में सबसे कठिन काम संभालने वाले व्यक्ति नरेंद्र मोदी ही हैं. दूसरे नंबर पर हैं गौतम गंभीर. बुधवार, 21 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ वीसीए स्टेडियम में T20 सीरीज से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर से मिलकर थरूर ने उनके नेतृत्व और संयम की प्रशंसा की.
साथ ही न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की हार के बाद आलोचनाओं से घिरे गंभीर को लेकर अपना समर्थन भी जताया. शुभकामनाएं देते हुए थरूर ने कहा कि उन्हें आज वाले टी-20 मैच से ही सफलता मिलनी शुरू हो जाए. उनकी शुभकामनाएं काम भी आईं और इस टी-20 मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 48 रनों से हरा दिया.
लेकिन, इस मैच से पहले ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में थरूर ने लिखा,
नागपुर में मैंने अपने पुराने दोस्त गौतम गंभीर के साथ एक अच्छी और खुलकर बातचीत का आनंद लिया. प्रधानमंत्री के बाद भारत में सबसे कठिन काम उन्हीं के हाथ में है. लाखों लोग रोजाना उन पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वो शांत रहते हैं और निडर होकर अपना काम करते रहते हैं. उनके शांत दृढ़ संकल्प और सक्षम नेतृत्व के लिए मेरी सराहना. उन्हें आज ही से सभी सफलताएं मिलें, इसकी शुभकामनाएं देता हूं.

अपनी पोस्ट में थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया है लेकिन उनके पुराने बयानों को याद कर इस पोस्ट को पीएम मोदी की तारीफ ही माना जा रहा है. हालांकि, ये पहली बार नहीं है कि थरूर ने पीएम मोदी की तारीफ की हो. इससे पहले भी वह कई बार प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की तारीफ कर चुके हैं. इस पर उन्हें अक्सर अपनी ही पार्टी में आलोचना का सामना करना पड़ता है.
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