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'केशव प्रसाद मौर्य को सीएम होना चाहिए, वो समझदार हैं', स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ऐसा क्यों बोले?

प्रयागराज के माघ मेले में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक समझदार व्यक्ति हैं. ऐसे व्यक्ति को प्रदेश का मुख्यमंत्री होना चाहिए.

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Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati said keshav prasad maurya should be the cm of uttar pradesh
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने केशव प्रसाद मौर्य को समझदार नेता बताया है (PHOTO-AajTak)
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मानस राज
24 जनवरी 2026 (Updated: 24 जनवरी 2026, 01:23 PM IST)
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प्रयागराज में चल रहे माघ मेले (Magh Mela) के दौरान मौनी अमावस्या के स्नान को लेकर ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) और मेला प्रशासन आमने-सामने आ गए थे. मेला प्रशासन ने उन्हें पालकी पर सवार होकर स्नान के लिए जाने से रोक दिया था. इसके बाद शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई थी. इस घटना से नाराज होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धरना शुरू कर दिया था. वहीं मेला प्रशासन ने उनको नाम के साथ शंकराचार्य लिखने पर नोटिस थमा दिया था. इस घटना के बाद से ही योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने-सामने हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के ही डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पूज्यनीय बताया और अपील की थी कि वो स्नान कर लें. और अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि केशव प्रसाद मौर्य एक समझदार व्यक्ति हैं. ऐसे व्यक्ति को प्रदेश का मुख्यमंत्री होना चाहिए.

क्या कहा है स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने?

आजतक से बात करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 

ये डिप्टी सीएम (केशव प्रसाद मौर्य) जो हैं, समझदार हैं. ये समझते हैं कि हमारे अफसरों से गलती हुई है. और ये समझते हैं कि मामले को इस तरह से बढ़ाया नहीं जाना चाहिए. इसको समेटना चाहिए क्योंकि इससे हमको नुकसान हो रहा है. पार्टी को नुकसान हो रहा है. ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए. जो अकड़ में बैठा हो, और जो जिद पाल कर बैठा हो, उसको मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए.

वहीं इस पूरे मामले पर पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का भी बयान आया है. उन्होंने कहा,

ये उनकी इच्छा है. ‌शंकराचार्य की इच्छा पर अंकुश नहीं लगा सकते. शंकराचार्य को यह नहीं कह सकते कि तुम पैदल जाओ, उतरो पालकी से. शंकराचार्य से यह भी नहीं कह सकते कि तुम पैदल नहीं जा सकते, चढ़ो पालकी पर.  

(यह भी पढ़ें: 'नाम के आगे शंकराचार्य क्यों? जब मामला सुप्रीम कोर्ट में', अविमुक्तेश्वरानंद को कानूनी नोटिस)

प्रयागराज माघ मेला में हालिया स्थिति देखें तो मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. 24 जनवरी को 7वें दिन भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का धरना जारी रहा. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि वह तब तक विरोध में बैठे रहेंगे, जब तक प्रशासन सम्मान के साथ उन्हें गंगा स्नान नहीं कराता है. साथ ही प्रशासन द्वारा भविष्य के लिए सुनिश्चित घोषणा नहीं कर दी जाती है. 

वीडियो: नेतानगरी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच झड़प की पूरी कहानी, योगी सख़्त, केशव नरम क्यों?

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