साहिल धनशेरा के सपने क्या थे, जिन्हें एक नाबालिग ड्राइवर ने कुचलकर मार डाला?
एक नाबालिग बच्चे की लापरवाही ने सिर्फ साहिल नाम के एक व्यक्ति की जान नहीं ली, बल्कि उसकी गाड़ी ने ख्वाब देखने वाले एक 23 साल के नौजवान के कई अधूरे सपनों को भी कुचलकर मार दिया. उसके कमरे की दीवारों पर छपी सपनों की इबारतें बताती हैं कि ये नुकसान कितना बड़ा है और कितनी गहरी टीस पैदा करने वाला है.
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साहिल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी. (india today)
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