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'हम बाहरी दबाव में नहीं आएंगे', जयशंकर का ये बयान पाकिस्तान के साथ ट्रंप को भी चुभेगा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के एक कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और आतंकवाद से निपटने के तरीके को लेकर किसी तरह के बाहरी दबाव या सुझाव को स्वीकार नहीं करेगा.

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India Pakistan S Jaishankar foreign Minister terrorism
विदेश मंत्री जयशंकर IIT मद्रास के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. (तस्वीरें- PTI)
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आनंद कुमार
2 जनवरी 2026 (Updated: 2 जनवरी 2026, 07:08 PM IST)
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विदेश मंत्री एस जयशंकर (Foreign Minister S Jaishankar) ने दो टूक कहा है कि आतंकवाद से निपटने का तरीका भारत खुद तय करेगा और इसमें किसी दूसरे देश का हस्तक्षेप बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा. उनका ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस दावे की याद दिलाता है जिसमें वो मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्षविराम में अपना हाथ होने की बात कहते रहे हैं. भारत इस तरह के हस्तक्षेप को कई बार खारिज कर चुका है. और अब एस जयशंकर ने साफ कर दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए किसी दबाव में आए बिना हर जरूरी कदम उठाएगा.

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के एक कार्यक्रम में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और आतंकवाद से निपटने के तरीके को लेकर किसी तरह के बाहरी दबाव या सुझाव को स्वीकार नहीं करेगा. जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा,

 जब कोई पड़ोसी देश लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है. इसके लिए जो भी जरूरी होगा हम करेंगे. आप हमसे ये उम्मीद नहीं कर सकते कि हम आपके साथ पानी साझा करें और आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाते रहें.

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, विदेश मंत्री ने आतंकवाद के प्रति भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा,

 आतंकवाद के प्रति क्या कदम उठाने हैं इसका निर्णय पूरी तरह से नई दिल्ली से लिया जाएगा. हम अपने अधिकार का इस्तेमाल किस तरह करेंगे ये हम पर निर्भर है. कोई हमें ये नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए. हमारी सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, हम करेंगे.

इशारों-इशारों में पाकिस्तान का जिक्र करते हुए एस जयशंकर ने कहा कि कई देशों को ‘खराब’ पड़ोसियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत की स्थिति ज्यादा गंभीर है क्योंकि आतंकवाद को वहां स्टेट पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा, 

अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार बिना किसी पछतावे के आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो हमारे पास अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और हम उस अधिकार का प्रयोग करेंगे.

विदेश मंत्री ने सीमा पार से फैलाए जा रहे आतंकवाद को जल बंटवारे और द्विपक्षीय जिम्मेदारियों से जोड़ा. उन्होंने कहा,

 भारत ने दशकों पहले पानी साझा करने का समझौता किया था, लेकिन ये समझौते पड़ोसी के साथ अच्छे संबंधों की बुनियाद पर टिके होते हैं. अगर दशकों तक आतंकवाद चलता रहा तो पड़ोसी के साथ रिश्ते अच्छे नहीं रह सकते. और अगर रिश्ते अच्छे नहीं होंगे तो उनके फायदे भी नहीं मिलेंगे. आप ये नहीं कह सकते कि आप (भारत) मेरे साथ पानी साझा करें और हम (पाकिस्तान) आतंकवाद को बढ़ावा देना जारी रखेंगे. दोनों बातें साथ नहीं चल सकतीं.

अप्रैल 2025 में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में कई पर्यटकों की हत्या कर दी थी. उसके बाद से भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों की टकराहट और बढ़ गई. इस हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया था.

वीडियो: एस जयशंकर से मिलने वाले चीनी अधिकारी को उनके देश में ही डिटेन कर लिया गया

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