कड़ा तमाचा पड़ा... ट्रंप-जेलेंस्की बवाल के बाद रूस में मौज, डेमोक्रेट्स बोले- पुतिन की कठपुतली हैं ट्रंप
Russia on Trump Zelenskyy clash: रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि ज़ेलेंस्की को ‘कड़ा तमाचा’ पड़ा है. दूसरी तरफ़, अमेरिका में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के विरोध में खड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रंप की आलोचना की है. उनका कहना है कि ये घटना ‘बेहद शर्मनाक’ है.
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वॉइट हाउस में हुई अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की की बहस पर पूरी दुनिया से रिएक्शंस आ रहे हैं. इनमें रूस और अमेरिका में ट्रंप की विरोधी पार्टी के नेता यानी डेमोक्रेट्स भी शामिल हैं. जहां एक तरफ़ रूस ने इस नोकझोंक पर ख़ुशी जताई है और डॉनल्ड ट्रंप को समर्थन दिया है (Russia on Trump Zelenskyy clash). वहीं, डेमोक्रेट्स ने ज़ेलेंस्की का साथ दिया है. साथ ही, ट्रंप को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कठपुतली बताया है (Democrats on Trump Zelenskyy clash). आइये जानते हैं इन नेताओं ने क्या कहा?
‘अच्छा हुआ ज़ेलेंस्की की पिटाई नहीं हुई’ट्रंप और ज़ेलेंस्की के बीच हुई नोकझोंक रूस के लिए एक गिफ़्ट थी, जो ट्रंप के नए अमेरिकी प्रशासन के साथ संबंध बनाने के लिए काम कर रहा है. रूस के नेताओं का कहना है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को वही मिला, जिसके वो हकदार थे. रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा है कि ज़ेलेंस्की को ‘कड़ा तमाचा’ पड़ा है.
मेदवेदेव ने अपने एक पोस्ट में लिखा कि ज़ेलेंस्की को आख़िरकार उनके मुंह पर सच बता दिया गया है. मेदवेदेव ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने की भी मांग की है. इसके लिए रूस लंबे समय से दबाव बना भी रहा है.
वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने कहा कि ये चमत्कार ही था कि ट्रंप और वेंस ने बहस के दौरान ज़ेलेंस्की पर हमला करने से ख़ुद को रोक लिया. ज़खारोवा के मुताबिक़, ज़ेलेंस्की उसी हाथ को काट रहे थे, जिसने उन्हें खाना खिलाया था.
रूस की संसद के ऊपरी सदन के डिप्टी चेयरमैन कोंस्टैंटिन कोसाच्योव ने कहा कि इस भीषण मुठभेड़ से ज़ेलेंस्की का पता चल गया है और उनका असली रूप सामने आ गया है. उन्होंने लिखा, 'ज़ेलेंस्की इस राउंड में बहुत बुरी तरह हार गए. अब उन्हें अगले राउंड में घुटनों के बल चलना होगा.
रूसी राष्ट्रपति के पूर्व सलाहकार सर्गेई मार्कोव की भी मामले में प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि ओवल ऑफ़िस में टकराव से ज़ेलेंस्की के राजनीतिक करियर के अंत में तेज़ी आने की संभावना है. दरअसल, रूस यही देखना भी चाहता है. क्योंकि उनका मानना है कि यूक्रेन के किसी अन्य नेता के साथ शांति समझौता करना आसान होगा.
बता दें, हाल के दिनों में रूस और अमेरिका के बीच तेज़ी मेल-मिलाप बढ़ा है. इस मेल-मिलाप ने यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगियों की चिंता बढ़ा दी है. उन्हें डर है कि ट्रंप और पुतिन कोई ऐसा समझौता कर सकते हैं, जिससे वो दरकिनार हो जाएंगे और उनकी सुरक्षा को ख़तरा हो जाएगा.
पुतिन की कठपुतलीइधर, अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसदों ने यूक्रेनी नेता वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की का बचाव किया है. साथ ही, ट्रंप और वेंस की तरफ़ से ज़ेलेंस्की के साथ किए गए ‘शर्मनाक’ और ‘अपमानजनक’ व्यवहार की निंदा की है. डेमोक्रेट्स के पेज से X पर पोस्ट किया गया है. इसमें डॉनल्ड ट्रंप की नीति को ‘अमेरिका फ़र्स्ट’ ना होकर, ‘पुतिन फ़र्स्ट’ होने का आरोप लगाया गया है.
मामले पर डेलावेयर के डेमोक्रेटिक सेनेटर क्रिस कूंस ने एक्स पर लिखा,
कैनेटिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने लिखा, ‘ये अमेरिका के लिए कितनी बड़ी शर्मिंदगी की बात है. ये पूरा दुखद दृश्य है.’ एरिजोना के सीनेटर रूबेन गैलेगो ने लिखा, ‘ये एक अपमान है.’ मैरीलैंड के सीनेटर क्रिस वैन होलेन ने भी ओवल ऑफ़िस में हुई घटना को ‘बेहद शर्मनाक’ बताया. वहीं, इलिनोइस के सीनेटर डिक डर्बिन ने लिखा,
कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ ने इस विवाद से पहले लिखा था,
सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने इस घटना के बाद कहा कि ट्रंप और वेंस ‘पुतिन का गंदा काम कर रहे हैं.’ वहीं, रोड आइलैंड के डेमोक्रेटिक सीनेटर शेल्डन वॉइटहाउस ने ट्रम्प और वेंस पर ‘पुतिन के लिए पुतले की तरह काम करने’ का आरोप लगाया है.
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