अंग्रेजों ने भारत की एकता पर कौन सा झूठ फैलाया? भागवत ने गांधीजी का जिक्र कर बताया
RSS चीफ Mohan Bhagwat ने कहा कि कुछ शब्दों का अनुवाद करने से उस शब्द की भावनाएं नहीं आ पातीं. ‘राष्ट्रवाद’ के लिए भी उन्होंने इसी तर्क का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब भावनाओं की बात हो, तो तर्क नहीं हो सकता.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भारत की एकता पर अंग्रेजों के झूठे दावे का खुलासा किया. भागवत ने कहा कि महात्मा गांधी ने अपनी किताब 'हिंद स्वराज' में लिखा है कि ‘अंग्रेजों ने हमें पट्टी पढ़ाई कि उनके आने से पहले भारत में एकता नहीं थी.’ RSS चीफ ने गांधी की इस राय के साथ ब्रिटिश राज को निशाने पर लिया.
शनिवार, 29 नवंबर को RSS चीफ मोहन भागवत महाराष्ट्र के नागपुर में एक बुक फेस्टिवल में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने 'राष्ट्रवाद' पर अपने विचार रखे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, RSS प्रमुख ने कहा,
उन्होंने आगे कहा कि कुछ शब्दों का अनुवाद करने से उस शब्द की भावनाएं नहीं आ पातीं. ‘राष्ट्रवाद’ के लिए उन्होंने इसी तर्क का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा,
मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि जब हम 'नेशन' यानी देश का इस्तेमाल करते हैं, तो 'राष्ट्र' शब्द की भावना और सभ्यता के तौर पर गहराई कम हो जाती है. उन्होंने आगे बताया कि भावनाएं तर्कों से नहीं बल्कि, इंसान के अनुभव और सोच-विचार के साथ सामने आती हैं. उन्होंने कहा कि जब भावनाओं की बात हो, तो तर्क नहीं हो सकता.
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