अंग्रेजों ने भारत की एकता पर कौन सा झूठ फैलाया? भागवत ने गांधीजी का जिक्र कर बताया
RSS चीफ Mohan Bhagwat ने कहा कि कुछ शब्दों का अनुवाद करने से उस शब्द की भावनाएं नहीं आ पातीं. ‘राष्ट्रवाद’ के लिए भी उन्होंने इसी तर्क का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि जब भावनाओं की बात हो, तो तर्क नहीं हो सकता.
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नागपुर में RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रवाद पर अपने विचार रखे. (PTI)
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