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रॉबर्ट वाड्रा को किस केस में दिल्ली की कोर्ट ने जमानत दे दी?

ईडी के अनुसार, वाड्रा की कंपनी ने कथित तौर पर फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी और बाद में इसे डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया.

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16 मई 2026 (पब्लिश्ड: 10:24 PM IST)
Robert Vadra granted pre arrest bail Shikohpur land deal money laundering case delhi court
रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट से जमानत मिल गई है (PHOTO-India Today)
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कांग्रेस लीडर प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े शिकोहपुर जमीन के केस में ED को झटका लगा है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को जमानत दे दी है. यह मामला स्पेशल जज सुशांत चांगोत्रा के सामने आया था. उन्होंने वाड्रा को जमानत बांड पेश करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने साफ किया कि उन्हें राहत देते समय कोई अतिरिक्त शर्तें नहीं लगाई जा रही. इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा और 8 लोगों को समन जारी हुआ था. इसके बाद कोर्ट ने ED द्वारा दायर की गई शिकायत का संज्ञान लिया. यह शिकायत हरियाणा के शिकोहपुर गांव में जमीन के लेनदेन और उससे हुई कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है.

ED ने समय मांगा

कोर्ट की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश हुए वकील जोहेब हुसैन ने कोर्ट को बताया कि ईडी कोर्ट के निर्देशों के अनुसार स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर रही है. हालांकि, उन्होंने मामले की फुल रिपोर्ट दायर करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है. उन्होंने अदालत को बताया कि एजेंसी अभी भी कुछ पहलुओं की जांच कर रही है. सारे प्रोसेस को पूरा करने के लिए और समय चाहिए. ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि वाड्रा ने उन पर लगी चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी थी. इसके बाद लोअर कोर्ट ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 10 जुलाई को लिस्ट किया है.

क्या है Shikohpur Land Case?

यह मामला सितंबर 2018 में गुरुग्राम के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ की एक जमीन से जुड़े एक कथित गड़बड़ लेनदेन को लेकर दर्ज हुई एफआईआर के बाद शुरू हुआ. ईडी के अनुसार, वाड्रा की कंपनी ने कथित तौर पर फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 7.5 करोड़ रुपये में जमीन खरीदी और बाद में इसे डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया. एजेंसी को शक है कि लेनदेन की वजह से जो कमाई हुई, वो एक मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन का हिस्सा थी. इसके बाद पैसों के सोर्स की तलाश की जाने लगी. ईडी ने जुलाई 2025 में दायर शिकायत में वाड्रा समेत कई अन्य लोगों और संस्थाओं का नाम लिया था.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में दर्ज मूल एफआईआर में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और भूपिंदर सिंह हुड्डा के साथ-साथ एक प्रॉपर्टी डीलर और रियल एस्टेट कंपनी भी शामिल थी. इस मामले में भ्रष्टाचार, जालसाजी और धोखाधड़ी लगाए गए हैं.

रॉबर्ट वाड्रा ने ईडी पर क्या कहा?

सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए वाड्रा ने ईडी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि ईडी अपना भरोसा खो रही है. साथ ही उन्होंने देश की ज्यूडिशियल सिस्टम में पूरा विश्वास भी जताया. उन्होंने कहा,

मैं इस देश की न्यायिक प्रणाली में विश्वास करता हूं. मुझे पता है कि ईडी को सरकार द्वारा चलाया जा रहा है और यह इसके इशारे पर काम करता रहेगा. इसलिए, यह ईडी की तरफ से उचित नहीं है. लेकिन मैं देश की न्यायिक प्रणाली में विश्वास करता हूं. इसलिए, मैं हमेशा यहां रहूंगा और सभी सवालों के जवाब दूंगा. जो भी औपचारिकताएं हों, मैं उन्हें पूरा कर दूंगा.

वाड्रा ने कहा कि ‘यह सब अच्छा है. अगर हम चुनाव जीत रहे हैं, अगर हम अच्छा कर रहे हैं और लोग अभी भी मेरे परिवार को चाहते हैं तो डिफ़ॉल्ट रूप से मुझे इससे निपटना होगा. मेरे पास इसका सामना करने की क्षमता है. मैं निडर हूं. मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है.’

फिलहाल जमानत के बाद भी आगे की जांच जारी रहेगी. मामला अब 10 जुलाई को कोर्ट में वापस आएगा. तब उम्मीद है कि ईडी इस केस में अपनी डिटेल स्टेटस रिपोर्ट पेश करे.

वीडियो: बैठकी: रॉबर्ट वाड्रा लैंड केस के बाद नरेंद्र मोदी का फोन आया? अशोक खेमका ने क्या बताया?

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