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आरजी कर रेप-मर्डर: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने 3 सीनियर IPS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया

बंगाल सरकार ने आरजी कर रेप और मर्डर केस में बड़ा एक्शन लिया है. इस केस की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन सीनियर IPS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बड़े वादों में से एक आरजी कर पीड़िता को न्याय दिलाना था.

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15 मई 2026 (पब्लिश्ड: 07:56 PM IST)
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शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर रेप और मर्डर केस में तीन IPS को सस्पेंड किया है. (इंडिया टुडे)
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पश्चिम बंगाल सरकार ने 15 मई को आरजी कर हॉस्पिटल रेप और मर्डर केस में बड़ा एक्शन लिया है. मामले की शुरुआती जांच में कथित गड़बड़ी और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन सीनियर IPS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस फैसले की जानकारी दी है. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुभेंदु ने बताया,

 तत्कालीन कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, पूर्व डिप्टी कमिश्नर (सेंट्रल) इंदिरा मुखर्जी और पूर्व डिप्टी कमिश्नर (साउथ) अभिषेक गुप्ता के खिलाफ विभागीय जांच शुरू किए जाने के बाद उनको सस्पेंड करने का आदेश दिया गया है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा,

इन तीनों अधिकारियों पर मामले की गलत तरीके से जांच करने, पीड़िता के माता-पिता को रिश्वत के तौर पर पैसा ऑफर करने और अगस्त 2024 में हुए इस जघन्य अपराध के बारे में बिना लिखित अनुमति के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के आरोप हैं.

9 अगस्त, 2024 को कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के कॉन्फ्रेंस रूम में महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था. जांच में पता चला कि डॉक्टर का पहले रेप किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई थी. 10 अगस्त को कोलकाता पुलिस ने इस मामले में संजय रॉय नाम के एक सिविल वॉलंटियर को अरेस्ट किया. बाद में इस मामले की जांच CBI को सौंप दी गई.

पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने हाल में हुए बंगाल चुनाव में पनिहाटी सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बड़े वादों में से एक आरजी कर पीड़िता को न्याय दिलाना था. 20 जनवरी, 2025 को एक लोअर कोर्ट ने संजय रॉय को इस मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. 

हालांकि ट्रेनी डॉक्टर के परिवार का आरोप है कि अपराध करने में रॉय अकेला नहीं था. इस साल अप्रैल में परिवार ने कलकत्ता हाई कोर्ट ने बताया कि उन्होंने कई पहलुओं पर जानकारी जुटाई है, जिनकी CBI और स्टेट पुलिस ने अच्छे से जांच नहीं की है. परिवार ने आगे बताया कि एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट की राय से पता चला है कि हो सकता है घटना के समय कई लोग मौजूद हों.

वीडियो: शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ को मारने के लिए सुपारी दी गई? CBI की जांच में क्या सामने आया?

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