The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • RCB Fully Responsible For Bengaluru Stampede Karnataka Govt Tells High Court

'11 लोगों की मौत के लिए केवल RCB जिम्मेदार...' कर्नाटक सरकार ने HC को गिनाई एक-एक गलती

IPL में RCB की जीत के जश्न में 4 जून को विक्ट्री परेड निकाली गई थी. इस दौरान हुए हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे. अब मामला कोर्ट में हैं, जहां राज्य सरकार ने RCB वालों की चुन-चुन कर गलतियां बताई हैं.

Advertisement
pic
12 जून 2025 (अपडेटेड: 12 जून 2025, 11:27 AM IST)
Bengaluru Stampede
मौके पर लाखों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. (फाइल फोटो: PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट से कहा है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ (Bengaluru Stampede) के लिए पूरी तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जिम्मेदार है. IPL में RCB की जीत के जश्न में 4 जून को विक्ट्री परेड निकाली गई थी. इस दौरान हुए हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे.

सेंट्रल क्राइम ब्यूरो (CCB) ने 6 जून को RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को गिरफ्तार किया था. सोसले की जमानत याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार ने 11 जून को RCB पर गंभीर आरोप लगाए. मामले की सुनवाई जस्टिस एसआर कृष्ण ने की. कोर्ट ने सोसले की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. हिंदूस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जून को फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है.

'RCB के पोस्ट के कारण आई भीड़'

कर्नाटक सरकार ने कहा कि RCB ने लास्ट टाइम में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और फ्री पास की घोषणा कर दी गई. सरकार की दलील है कि विक्ट्री परेड के लिए ये एक खुला निमंत्रण था और इसी कारण से मौके पर अनियंत्रित भीड़ जमा हो गई.

उन्होंने पूरे समारोह को अवैध करार दिया और कहा कि RCB ने न तो जरूरी अनुमति ली और ना ही सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों को लागू किया गया. इसके कारण वहां लाखों लोग पहुंच गए. एडवोकेट जनरल (AG) शशि किरण शेट्टी ने अदालत को बताया,

कोई अनुमति नहीं ली गई थी. उन्होंने बस एक सूचना दी थी. अप्रूव्ल के लिए आधिकारिक रिक्वेस्ट सबमिट नहीं की गई थी. एक्स पोस्ट करके लाखों फैंस को बुलाया गया, बिना ये बताए कि कौन एंट्री कर सकता है या क्या प्रोटोकॉल लागू होते हैं. पूरे आयोजन में कानूनी मानदंडों का उल्लंघन किया गया.

'सरकार का नहीं बल्कि RCB का आयोजन'

AG ने 3 जून की रात 11:30 बजे से 4 जून की सुबह 8:55 बजे के बीच RCB के आधिकारिक हैंडल से किए गए कई पोस्ट का हवाला दिया. इन पोस्ट में विधान सभा से स्टेडियम तक विक्ट्री परेड की घोषणा की गई थी. लेकिन टिकट, भीड़ नियंत्रण या सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया था. शेट्टी ने कहा,

सुबह 7 बजे उन्होंने परेड का रूट पोस्ट किया. सुबह 8 बजे तक वो फैंस से इकट्ठा होकर जयकारे लगाने का आग्रह कर रहे थे. तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 3.5 से 4 लाख लोग पहले ही गेट पर पहुंच चुके थे. अब वो इसे राज्य प्रायोजित कार्यक्रम बताने के लिए अदालत में आ गए हैं. ऐसा नहीं था. ये RCB का एक निजी समारोह था.

कोर्ट ने पूछा कि क्या इस हादसे के लिए पूरी तरह RCB ही जिम्मेदार है. इस पर AG ने ‘हां’ में जवाब दिया

ये भी पढ़ें: विराट कोहली की मुश्किलें बढ़ीं? बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस कंप्लेंट दर्ज

निखिल सोसले के वकील ने क्या कहा?

सोसले का बचाव करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता संदेश चौटा ने तर्क दिया कि मार्केटिंग हेड को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. चौटा ने अदालत से कहा कि वो केवल एक कर्मचारी हैं, निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के निर्णय के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.

वीडियो: बेंगलुरु भगदड़: KSCA के अधिकारियों ने दिया इस्तीफा, क्या है पीछे की वजह?

Advertisement

Advertisement

()