The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • rajasthan university sociology exam answer key distributed question paper cancelled

'पेपर कांड' में राजस्थान यूनिवर्सिटी ने सबको पछाड़ा, छात्रों को सीधा आंसर की बांट दी

राजस्थान यूनिवर्सिटी में एमए समाजशास्त्र की परीक्षा के दौरान छात्रों को गलती से प्रश्नपत्र की जगह उत्तर कुंजी बांट दी गई. मामला सामने आते ही परीक्षा रद्द कर दी गई और अब 27 जून को दोबारा परीक्षा होगी.

Advertisement
pic
18 जून 2026 (पब्लिश्ड: 09:44 PM IST)
Rajasthan University Sociology Exam Answer Key Distributed
राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षा में क्वेश्चन पेपर की जगह बांट दी आंसर की. (फोटो- india today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

एग्जाम में सवाल तो सारी दुनिया पूछती है. सदियों से यही परंपरा है. लेकिन वो काम भला क्या काम हुआ जो पूरी दुनिया करती हो. लिहाजा राजस्थान यूनिवर्सिटी वालों ने एकदम अलग और कुछ नया सोचा. समाजशास्त्र की मास्टर्स की परीक्षा में छात्रों को ऐसा क्वेश्चन पेपर बांट दिया, जिसमें जवाब लिखने की जरूरत ही नहीं थी. पहले ही सब लिखा-लिखाया था. यानी क्वेश्चन पेपर और उसके जवाब दोनों एक साथ. 

विभाग के तकरीबन 300 छात्रों को जब ये पेपर मिला तो वह सोच में पड़ गए कि उन्हें पेपर लिखना है या चेक करना है? क्योंकि जवाब तो पहले से ही लिखे थे. एग्जाम सेंटर पर ड्यूटी कर रहे टीचरों से छात्रों ने पूछा कि ये कैसा क्वेश्चन पेपर है? छात्रों की आपत्ति के तत्काल बाद ही टीचरों ने आनन-फानन में सारे पेपर वापस ले लिए. उन्होंने एग्जाम भी कैंसिल कर दिया. होठों पर चुप कराने की मुद्रा में हाथ रखते हुए छात्रों से ये भी कहा कि बाहर किसी को ये सब मत बताना.   

क्या मामला है?

इंडिया टुडे से जुड़े विशाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर की राजस्थान यूनिवर्सिटी में एमए समाजशास्त्र के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा थी. मंगलवार, 16 जून को विभाग के सैकड़ों छात्र एग्जाम देने के लिए पहुंचे थे. क्लास में बैठते ही जब उन्हें क्वेश्चन पेपर थमाया गया तो उनका दिमाग चकरा गया. वो पहली बार एग्जाम में उत्तरों से भरा क्वेश्चन पेपर देख रहे थे. पहले तो उन्हें अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ. फिर जब साफ हो गया कि ये कोई क्वेश्चन पेपर नहीं है बल्कि ऑफिशियल आंसर की है तो वे उबल पड़े. वैसे भी शिक्षा और परीक्षा के इलाके में इन दिनों माहौल जबर्दस्त गर्माया है. पेपर लीक से लेकर कॉपी चेक करने में गड़बड़ी तक के मुद्दे पर छात्र जबर्दस्त गुस्से में हैं.

इसी बीच राजस्थान विश्वविद्यालय की ये लापरवाही भी सामने आ गई. आक्रोशित छात्रों ने परीक्षा केंद्र पर ही विरोध करना शुरू कर दिया और साफ कह दिया कि वो ये पेपर नहीं देंगे. इन सबके बीच टीचरों ने तत्काल आंसर की वाली शीट वापस ले ली. लेकिन तब तक काफी फजीहत हो चुकी थी. स्टूडेंट्स ने कहा कि एग्जाम में ऐसी चूक होती रही तो विश्वविद्यालय से छात्रों का भरोसा उठ जाएगा. 

पेपर देने आए विकास कुमार बैरवा ने टीओआई से कहा कि जैसे ही पता चला, छात्रों को आंसर शीट बंट गई है, ड्यूटी करने वाले टीचर्स ने उसे तुरंत वापस ले लिया. इसके अलावा उन्होंने हमसे ये भी कहा कि हम बाहर जाकर ये बातें किसी और को न बताएं. विकास ने कहा कि उन्हें केवल इतना बताया गया कि इस विषय की परीक्षा अब 27 जून को होगी.

जांच में क्या पता चला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रिंटिंग प्रेस में पेपर छापे जाने के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई है. होता ये है कि पेपर सेट करने वाले अधिकारी क्वेश्चन पेपर और उसकी आंसर की को अलग-अलग सीलबंद लिफाफों में प्रिंटिंग प्रेस में भेजते हैं. यहां ये गड़बड़ी हो गई कि प्रिंटिंग के दौरान उत्तर कुंजी वाला लिफाफा गलती से क्वेश्चन पेपर समझ लिया गया. उसी की छपाई कर सीलबंद पैकेट परीक्षा केंद्रों पर भेज दिए गए. चूंकि परीक्षा शुरू होने तक सीलबंद लिफाफे नहीं खोले जाते, इसलिए यह बड़ी चूक समय रहते पकड़ में नहीं आ पाई.

मामला गंभीर हुआ तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया. बताया कि अब ये पेपर 27 जून को दोबारा होगा. एग्जाम कंट्रोलर राकेश राव ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.   

वीडियो: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले दो दिनों में चार मौतें, परिवारों की ये मांग

Advertisement

Advertisement

()