राजस्थान में कथावाचक की संदिग्ध मौत, 6 महीने पुराना वीडियो वायरल, नागौर सांसद ने लगाई अर्जी
राजस्थान के नागौर से सांसद ने पोस्ट कर साध्वी प्रेम बाईसा के मौत की जानकारी दी. सांसद ने राज्य सरकार से मामले के जांच की मांग की है. साध्वी के मौत के बाद इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट वायरल है जिसमें 'अग्निपरीक्षा' का ज़िक्र है.

राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की 28 जनवरी को संदिग्ध रूप से मौत हो गई. 28 जनवरी की देर रात लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रेम बाईसा की मौत की खबर दी. पोस्ट में बताया कि ये मौत साधारण नहीं है, इसके पीछे किसी की साजिश हो सकती है. सोशल मीडिया पर साध्वी के मौत के बाद एक नोट वायरल हुआ जो इस दुर्घटना को उलझा देता है. इस घटना को 6 महीने पहले वायरल हुए एक वीडियो से जोड़कर देखा जा रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, प्रेम बाईसा को बुखार था. इलाज के लिए एक कंपाउंडर को आश्रम में बुलाया गया. उसने बाईसा को इंजेक्शन लगाया, और फिर इसके बाद उनकी तबीयत खराब होती चली गई. अंत में खबर दी गई कि बाईसा की मौत हो गई है. उनके मौत के 4 घंटे बाद साध्वी के इंस्टाग्राम हैंडल से एक पोस्ट हुआ. इस पोस्ट में अग्निपरीक्षा का ज़िक्र किया गया. हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि पोस्ट किसने शेयर किया है. इस पोस्ट पर लोग कई सवाल भी खड़े कर रहे हैं.

राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपने पोस्ट में मामले के जांच की मांग की है. X अकाउंट से पोस्ट कर लिखा,
मुख्यमंत्री और राजस्थान पुलिस के DGP संज्ञान लें. जोधपुर के एक अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई. ये अत्यंत दुःखद है. इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए.
रिपोर्ट के मुताबिक़, 29 जनवरी को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि साध्वी को बुखार था. हालांकि उनकी मौत कैसे हुई ये जांच का विषय है.
किस वीडियो पर विवाद है?साल 2025 के जुलाई महीने में बाईसा का एक वीडियो वायरल हुआ था. वीडियो में वो अपने आश्रम में किसी पुरुष को गले लगाती नज़र आई थीं. ये वीडियो जैसे ही सामने आया, लोग सवाल खड़े करने लगे. इसपर सफाई पेश करते हुए साध्वी ने कहा था,
'ये वीडियो आज से चार साल पुराना है. मैं अपने पिता से गले मिल रही थी. वीडियो को गलत तरीके से चलाया गया. मैंने थाने में FIR दर्ज कराई थी. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था. आरोपी वीडियो दिखाकर मुझे ब्लैकमेल कर रहे थे. 20 लाख रुपए की मांग कर रहे थे. लेकिन मैंने पैसे नहीं दिए. जिसके बाद उन्होंने वीडियो वायरल कर दिया था.'
पुलिस जांच और साध्वी की शिकायत के अनुसार, इस साजिश के पीछे उनके ही पूर्व स्टाफ सदस्य थे. इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), पूर्व ड्राइवर रमेश, कृष्णा (जोगेंद्र की पत्नी) और दो अन्य लोग शामिल थे. उन्होंने ब्लैकमेल कर 20 लाख रुपये की मांग की थी. बोरानाडा पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगेंद्र को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था. पूछताछ में जोगेंद्र ने कुबूला था कि वो साध्वी से रंजिश रखता था.
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