The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Rajasthan nursing staff job lost protest in jaipur sawai mansingh hospital one suicide

ठेके पर रखे 6500 नर्सिंग स्टाफ को एक झटके में निकाला, बेरोजगार हुए युवक ने जान दे दी

दीपक के इस कदम के पीछे राजस्थान सरकार का एक फैसला है. सरकार ने सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे करीब 6,500 नर्सिंग स्टाफ की नौकरी खत्म कर दी. दीपक भी उनमें शामिल थे. वे पिछले तीन साल से जयपुर के वीमंस हॉस्पिटल में काम कर रहे थे. चरवाल प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए उनकी नौकरी लगी थी.

Advertisement
pic
pic
आनंद कुमार
| शरत कुमार
12 जून 2026 (पब्लिश्ड: 07:53 PM IST)
Rajasthan nursing staff job lost protest in jaipur
दीपक ने नौकरी जाने के चलते अपनी जान दे दी है. (इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

“मैं विज्ञान के विशेष ज्ञान को, स्वरों के सातों आसमान को, नारों में नायकस्थान को, कवियों के समूचे खानदान को खारिज करके, ठेकेदारी की प्रथा के खिलाफ, एक अर्जी दायर कर रहा, मैं सृष्टि में एक भी ठेकेदार नहीं चाहता.” कवि आर्य भारत की ये कविता ठेके की नौकरी से उपजी असुरक्षा से निकली है. राजस्थान के जयपुर में ठेके की नौकरी खत्म किए जाने के चलते 30 साल के नौजवान दीपक खारवाल ने अपना जीवन समाप्त कर लिया है.

6500 नर्सिंग स्टाफ की नौकरी गई

दीपक के इस कदम के पीछे राजस्थान सरकार का एक फैसला है. सरकार ने सरकारी अस्पतालों में काम कर रहे करीब 6,500 नर्सिंग स्टाफ की नौकरी खत्म कर दी. दीपक भी उनमें शामिल थे. वे पिछले तीन साल से जयपुर के वीमंस हॉस्पिटल में काम कर रहे थे. चरवाल प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए उनकी नौकरी लगी थी.

विरोध प्रदर्शन में भी हुए थे शामिल

बेरोजगार नर्सिंग स्टाफ 12 जून की सुबह से जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. दीपक भी इस प्रदर्शन में शामिल थे. सुबह करीब 11.30 बजे दीपक धरने से उठकर अपने रूम पर चले गए. दीपक के कुछ दोस्त उनसे मिलने रूम पर पहुंचे. उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई रिस्पॉन्स नहीं आया.

दरवाजा नहीं खुलने पर उनको कुछ अनहोनी की आशंका हुई, इसलिए दरवाजा तोड़ दिया. अंदर दीपक बेसुध पड़े थे. साथी उन्हें लेकर सवाई मान सिंह हॉस्पिटल पहुंचे. वहां इलाज के दौरान दीपक की मौत हो गई.

नौकरी जाने से थे परेशान

फिलहाल राजस्थान पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दीपक की मौत जहर के इस्तेमाल से हुई है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के पीछे का सटीक कारण पता चल पाएगा. दीपक का चार साल का एक बेटा है. उनकी पत्नी प्रेग्नेंट हैं. घर में वे अकेले कमाने वाले शख्स थे. उनके परिवार ने बताया कि दीपक कई दिनों से नौकरी को लेकर परेशान चल रहे थे.

अशोक गहलोत सरकार ने की थी भर्ती

राजस्थान में 2022 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार ने सरकारी अस्पतालों में कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती शुरू की थी. गुजरात की एक प्राइवेट कंपनी के जरिए 1,000 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की गई थी. भजनलाल सरकार में भी ये भर्ती जारी रही. स्टाफ की संख्या बढ़कर लगभग 6500 हो गई थी. शुरुआत में इन्हें 7,000 रुपये महीने की सैलरी दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 9,185 रुपये कर दिया गया था.

अब राजस्थान सरकार ने इनको एक झटके में हटा दिया है. सरकार ने इनकी जगह परीक्षा देकर आए नए लोगों को 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर रखा है. ऐसे में बेरोजगार हुए नर्सिंग स्टाफ अपनी नौकरी परमानेंट करने की मांग कर रहे हैं. सरकार ने तीन हजार नर्सिंग ऑफिसर की भर्ती निकाली है, जिसमें इनको ‘एडजस्ट’ करने की बात की गई है.

वीडियो: राजस्थान में सूख रहे पेट्रोल पंप, सरकार का इनकार, मामला कोर्ट तक पहुंचा?

Advertisement

Advertisement

()