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बाबरी विध्वंस के दिन स्कूलों में शौर्य दिवस मनाना चाहते थे राजस्थान के शिक्षा मंत्री, पर हो नहीं पाया

6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी.

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Rajasthan Minister order to school celebrate Babri Masjid demolition day as ‘Shaurya Diwas’
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया था. (फोटो: X/@madandilawar)
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अर्पित कटियार
30 नवंबर 2025 (Updated: 30 नवंबर 2025, 03:57 PM IST)
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राजस्थान शिक्षा विभाग ने 6 दिसंबर को स्कूलों में 'शौर्य दिवस' मनाने का आदेश जारी किया. 6 दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, जिसे राजस्थान के सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में 'शौर्य दिवस' (Shaurya Diwas) के रूप में मनाया जाना था. शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार, 29 नवंबर की देर रात यह आदेश जारी किया था. लेकिन 12 घंटे बाद ही इसे वापस ले लिया गया. 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया था कि वे 6 दिसंबर को 'देशभक्ति और राष्ट्रवाद' को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करें. हालांकि, रविवार, सुबह करीब 9.15 बजे शिक्षा मंत्री ने यह आदेश वापस ले लिया. दिलावर ने एक बयान जारी कर कहा, 

राज्य के सभी स्कूलों में इस समय परीक्षाएं चल रही हैं, जो 5 और 6 दिसंबर से शुरू होंगी. इसलिए, परीक्षा के दौरान स्कूलों में कोई कार्यक्रम आयोजित करना मुमकिन नहीं है. इसलिए, 'शौर्य दिवस' समारोह स्थगित किया जाता है.

हालांकि, शिक्षा मंत्री ने अपने इस फैसले का बचाव किया. दिलावर ने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति के आदर्श हैं और राम मंदिर आंदोलन सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है.

आदेश में क्या कहा गया था?

स्कूलों से कहा गया था कि वे 6 दिसंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित कराएं. राम मंदिर और भारतीय संस्कृति पर भाषण और निबंध प्रतियोगिताएं कराई जाएं और अयोध्या राम मंदिर पर चित्र और पोस्टर बनवाए जाएं. राम जन्मभूमि आंदोलन और दूसरी ‘वीर घटनाओं’ की प्रदर्शनियां लगाई जाएं. सर्कुलर में कहा गया कि सुबह सूर्य नमस्कार और योग कराया जाए. इसके अलावा भगवान राम के लिए विशेष प्रार्थना सभा आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया. 

शिक्षा मंत्री बनने के बाद से दिलावर के पिछले बयानों पर भी विवाद हो चुका है. इससे पहले उन्होंने मदरसों समेत सभी स्कूलों में वंदे मातरम का गान जरूरी कर दिया था. उनके इस आदेश की अल्पसंख्यक समूहों ने तीखी आलोचना की और इसे एक थोपा हुआ आदेश बताया. कई मौकों पर मंत्री मदन दिलावर ने मुगल शासक अकबर को अत्याचारी कहा और पिछली कांग्रेस सरकार पर उनका महिमामंडन करने का आरोप लगाया.

कुछ दिन पहले दिलावर ने कहा था, "सरकारी स्कूल परिसरों में धार्मिक स्थलों को तुरंत हटाया जाना चाहिए. अगर किसी भी स्कूल में ऐसे स्थल पाए जाते हैं, तो प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

वीडियो: पाकिस्तान ने अयोध्या राम मंदिर के ध्वजारोहण पर उगला ज़हर, बाबरी मस्जिद को लेकर क्या कहा?

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