फैमिली कोर्ट ने मुस्लिम दंपती के तलाक को मंजूर नहीं किया, HC ने कहा- 'मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी'
जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की बेंच ने साफ कहा कि जब मियां-बीवी तलाक लेने के लिए तैयार हैं तो फैमिली कोर्ट को उसमें कानूनी पेच नहीं लगाना चाहिए था. दंपती ने 'मुस्लिम पर्सनल लॉ' के अंतर्गत आने वाले 'मुबारत' के तहत तलाक लिया है जो कानूनी तौर पर वैध है.
Advertisement
.webp?width=210)
उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए दंपती का तलाक मंजूर कर दिया. (फोटो- Unsplash.com)
Story Summary
वीडियो: MBBS एडमिशन के लिए छात्र ने अपना ही पंजा काट दिया, ऐसे खुली पोल

