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रेलवे लोको पायलट की पाइल्स सर्जरी हुई, अधिकारी को पैंट खोलकर घाव दिखाए तब भी छुट्टी नहीं मिली

लखनऊ डिवीजन के एक लोको पायलट ने मेडिकल लीव के लिए सीनियर अधिकारी से अनुरोध किया. अपनी बीमारी साबित करने के लिए उन्होंने अधिकारी के सामने कपड़े भी उतारे. लेकिन फिर वे नहीं पसीजे और लोको पायलट की छुट्टी मंजूरी नहीं की.

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Railway loco pilot denied sick leave even after he undress
रेलवे लोको पायलट को पैंट उतारने के बाद भी छुट्टी नहीं मिली. (प्रतीकात्मक तस्वीर, इंडिया टुडे)
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आनंद कुमार
3 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 11:21 PM IST)
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रेलवे का एक लोको पायलट पाइल्स की सर्जरी के बाद छुट्टी मांगने अपने सीनियर अधिकारी के पास गया. लेकिन सीनियर अधिकारी को उस पर यकीन नहीं हुआ और उसने छुट्टी देने से इनकार कर दिया. इसके बाद लोको पायलट ने अधिकारी को विश्वास दिलाने के लिए अपनी पैंट उतार दी. आरोप है कि फिर भी उस अधिकारी ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया.

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का एक वीडियो रेलवे कर्मचारियों के अलग-अलग वॉटसऐप ग्रुप्स में पहुंचा, जिसके बाद उन लोगों ने इसे अमानवीय बताते हुए इस पर नाराजगी जताई है. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के नेताओं ने दावा किया,

“अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाले लोको पायलट राजेश मीना ने पाइल्स के ऑपरेशन के बाद आराम के लिए छुट्टी का आवेदन दिया था. लेकिन चीफ क्रू कंट्रोलर रतन कुमार ने उनको छुट्टी देने से इनकार कर दिया. जिसके बाद उन्होंने कपड़े उतार कर अपने प्राइवेट पार्ट के घाव उनको दिखाए. इसके बाद भी चीफ क्रू कंट्रोलर ने छुट्टी नहीं दी.”

रिपोर्ट के मुताबिक छुट्टी नहीं मिलने के बाद लोको पायलट ने अपने डिवीजन के सीनियर अधिकारी से बात की, जिन्होंने उनकी छुट्टी मंजूर कर दी. यह मामला उत्तरी रेलवे जोन के अंतर्गत आने वाले लखनऊ डिवीजन का है. लखनऊ डिवीजन के मंडल रेलवे प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा से इस मुद्दे को लेकर सवाल किया गया. लेकिन अब तक उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

इस घटना के कथित वीडियो में राजेश मीना और उनके सहकर्मी रतन कुमार से मेडिकल लीव देने से इनकार करने को लेकर बहस करते हुए दिखाई दे रहे हैं. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के महासचिव केसी जेम्स ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 

“यह बेहद शर्मनाक है कि एक लोको पायलट को अपने सीनियर ऑफिसर को मेडिकल लीव के लिए मनाने के लिए उनके सामने अपनी पैंट उतारनी पड़ती है. फिर भी बदले में इनकार मिलता है. हम लोगों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने के लिए दिन-रात काम करते हैं ताकि वे अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ त्योहार मना सकें. क्या रेलवे प्रशासन से हमें इस तरह के व्यवहार की उम्मीद करनी चाहिए?”

राजेश मीना के सहयोगियों ने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है जिसमें उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से पाइल्स से पीड़ित थे. इंदौर में इलाज कराने के बाद भी जब कोई फायदा नहीं हुआ तो आखिरकार 22 फरवरी को लखनऊ में उनकी सर्जरी हुई. 

नॉर्थ जोन के AILRSA के सहायक महासचिव आदर्श कुमार गुप्ता ने इस मामले के बारे में बताते हुए कहा, 

“काफी समझाने-बुझाने के बाद मीना को 22 फरवरी से 28 फरवरी तक सर्जरी के लिए छुट्टी दी गई. लेकिन जब एक हफ्ते के भीतर उनका घाव ठीक नहीं हुआ तो उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सबसे पहले रेलवे हेल्थ यूनिट से छुट्टी बढ़ाने के लिए संपर्क किया. राजेश मीना ने अपनी बीमारी साबित करने के लिए चीफ क्रू कंट्रोलर को कई मेडिकल डॉक्यूमेंट्स दिखाए, जिसमें लैब रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और ड्रेसिंग भी शामिल थीं. लेकिन अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए.”

AILRSA के सहायक महासचिव ने बताया कि राजेश मीना के पास अपनी पैंट उतारकर घाव दिखाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने आगे बताया कि यूनियन ने चीफ क्रू कंट्रोलर रतन कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. 

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